दोनों देशों के NSA करेंगे मीटिंग, क्या होगा भारत-चीन सीमा विवाद का भविष्य?

पिछले कई महीनों से भारत-चीन (India-China) के बीच LAC पर विवाद जारी है. इसी को देखते हुए दोनों देशों के NSA गुरुवार को दोबारा मीटिंग (Meeting) करने वाले हैं.
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लद्दाख (Ladakh) में चल रहे बॉर्डर विवाद के बीच भारत और चीन दोबारा मीटिंग करने वाले हैं. यह बातचीत ब्रिक्स मीटिंग (Brics Meeting) का हिस्सा होगी, जिसमें भारत और चीन के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) हिस्सा लेंगे.

भारत के NSA अजित डोभाल और चीन के NSA यांग जाइची इसके लिए वर्चुअल बैठक का हिस्सा बनेंगे. अब सबकी नजर इस बात पर है कि मीटिंग के बाद बॉर्डर विवाद सुलझता है या फिर और उलझ जाएगा.

इस मीटिंग को लेकर एक अजब संयोग भी बन रहा है. दरअसल, जब डोकलाम का विवाद चल रहा था उस समय भी ब्रिक्स NSA की मीटिंग बीजिंग में हुई थी. अगस्त 2017 में तब NSA अजित डोभाल और यांग जाइची के बीच तीखी नोंकझोंक हुई थी. उस वक्त जब दोनों की अलग से मीटिंग हुई थी तो शुरुआत में ही चीनी NSA ने अजित डोभाल से कहा कि क्या डोकलाम भारत का हिस्सा है? जवाब में डोभाल ने कहा कि क्या हर विवादित इलाके पर बाय डिफॉल्ट चीन का हक बन जाता है.

पुरानी है दोनों NSA की जान-पहचान

अजित डोभाल और यांग जाइची एक दूसरे को लंबे समय से जानते हैं. सीमा विवाद पर पहले सीनियर लेवल की बातचीत में दोनों अपने देश का प्रतिनिधित्व करते थे. बाद में चीन के विदेश मंत्री वांग यी सीनियर लेवल की बैठकों का हिस्सा बनने लगे.

बता दें कि 10 सितंबर को विदेश मंत्रियों की बातचीत में तय हुआ था कि दोनों देशों के बीच कमांडर लेवल, WMCC और SR लेवल की बातचीत जल्द से जल्द की जाएगी. एक हफ्ता बीत चुका है लेकिन अभी एक बार भी कमांडर लेवल की बातचीत नहीं हुई है.

साथ ही चीन की 10 सितम्बर के बाद अब भाषा फिर से पुराने अंदाज में हो गयी है कि भारत की गलती है और भारत सेना को पीछे ले जाये. चीन ने ब्लैक टॉप से भारतीय सेना के हटने की भी शर्त लगाई है.

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