महबूबा मुफ्ती की बेटी ने गृहमंत्री अमित शाह को लिखा खत, ‘कश्मीरियों को पशुओं की तरह किया कैद’

इल्तिजा जावेद ने लिखा है कि मैं यह समझने में असफल रही हूं कि मुझे कश्मीरियों की आवाज बुलंद करने के लिए क्यों दंडित किया जा रहा है.

श्रीनगर: जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद से कई राजनीतिक पार्टियों के नेताओं को नजरबंद करके रखा गया है. पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी की नेता और जम्मू कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती की छोटी बेटी इल्तिजा जावेद भी नजरबंद हैं. इस बीच इल्तिजा जावेद ने एक वॉयस मैसेज जारी किया है. इसमें उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें धमकी दी गई कि अगर उसने दोबारा मीडिया से बात की तो इसके परिणाम भुगतने पड़ेंगे.

‘अपराधी की तरह किया जा रहा बर्ताव’
इल्तिजा ने वॉयस मैसेज में कहा है, “मुझे भी हिरासत में लिया गया है और कहा गया है कि ऐसा इसलिए किया गया है क्योंकि मैंने मीडिया से बात की थी कि इस भयावह कर्फ्यू लगाए जाने के बाद से कश्मीरियों को क्या सहना पड़ा है. मुझे धमकाया गया कि अगर मैंने दोबारा मीडिया से बात की तो इसके परिणाम भुगतने पड़ेंगे.”

उन्होंने कहा कि मेरे साथ अपराधी की तरह बर्ताव किया जा रहा है और मुझ पर लगातार निगरानी रखी जा रही है. जिन कश्मीरियों ने आवाज उठाई है, उनके साथ मैं भी जान का खतरा महसूस कर रही हैं.

इल्तिजा ने कहा कि उन्होंने गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर स्पष्टीकरण मांगा है. जावेद ने गृहमंत्री को लिखे पत्र में कहा है, ‘आज जब बाकी देश भारत का स्वतंत्रता दिवस मना रहा है, कश्मीरियों को जानवरों की तरह कैद कर दिया गया और उन्हें बुनियादी मानवाधिकारों से वंचित किया गया है.’

‘घर से बाहर जाने की इजाजत नहीं’
पत्र में कहा गया, ‘दुर्भाग्यवश, कुछ कारणों से मुझे भी मेरे घर पर नज़रबंद रखा गया है और इसके कारण क्या हैं, यह आपको पता होगा. हमें यह भी नहीं बताया जाता है कि हमसे मिलने आने वालों को दरवाजे से ही लौटा दिया जाता है और मुझे भी घर से बाहर जाने की इजाज़त नहीं है.’

पत्र में कहा गया, ‘मैं यह समझने में असफल रही हूं कि मुझे कश्मीरियों की आवाज बुलंद करने के लिए क्यों दंडित किया जा रहा है. क्या कश्मीरियों के उस दर्द, यातना और रोष को व्यक्त करना अपराध है? मैं यह जानना चाहती हूं कि किन कानूनों के तहत मुझे हिरासत में रखा गया है और मुझे कब तक हिरासत में रखा जाएगा? क्या मुझे इसके लिए कोई कानूनी कदम उठाने की जरूरत है?’

गौरतलब है कि इल्तिजा ने इससे पहले व्हाट्सऐप पर अपना एक बयान जारी किया था. इसमें उन्होंने कहा था कि ‘दो दिन से उन्हें हिरासत में ले लिया गया है. यहां ऐसे हालात कर दिए गए हैं कि किसी को घर से बाहर नहीं निकलने दिया जा रहा है. यहां मास हाउसअरेस्ट किया गया है.’

ये भी पढ़ें-

छापे में घर से मिली AK-47, अनंत सिंह बोले- जदयू सांसद ललन सिंह के इशारे पर हो रही कार्रवाई

मस्जिद का निर्माण धार्मिक नहीं बल्कि दूसरे धर्म को कुचलने के इरादे से किया गया: रामलला विराजमान

LIVE: आर्टिकल 370 हटने के बाद घाटी में नहीं हुई एक भी मौत, सोमवार से खुल जाएंगे स्कूल-कॉलेज