Mi-17 क्रैश मामले में एयरफोर्स के 6 ऑफिसर्स पर एक्‍शन, दो का कोर्ट मार्शल

बडगाम में 27 फरवरी 2019 को हुए Mi-17 क्रैश में एयरफोर्स के 6 जवान मारे गए थे. कोर्ट ऑफ इंक्‍वॉयरी में गलती से चॉपर को निशाना बनाने की बात सामने आई.

बडगाम Mi-17 क्रैश मामले में एयरफोर्स के दो अधिकारियों का कोर्ट मार्शल होगा. चार अन्‍य ऑफिसर्स पर एडमिनिस्‍ट्रेटिव एक्‍शन लिया जाएगा. इनमें दो एयर कमोडोर (आर्मी ब्रिगेडियर के समकक्ष) और दो फ्लाइट लेफ्टिनेंट (आर्मी में कैप्‍टन के समकक्ष) शामिल हैं. बडगाम में हुई इस घटना में एयरफोर्स के 6 जवान मारे गए थे. चॉपर क्रैश होने पर वहां मौजूद एक नागरिक भी मारा गया था.

27 फरवरी को फ्रेंडली फायर में Mi-17 V5 हेलिकॉप्‍टर निशाना बना. जांच में पता चला कि एयरफोर्स ने गलती से अपने Mi-17 पर मिसाइल छोड़ दी. मामले की कोर्ट ऑफ इंक्‍वॉयरी पूरी हो चुकी है. चीफ ऑफ एयर स्‍टाफ राकेश कुमार भदौरिया ने कुछ दिन पहले Mi-17 क्रैश में हुई लापरवाहियों को ‘बड़ी गलती’ बताया था.

Mi-17 क्रैश : कैसे क्‍या हुआ था?

27 फरवरी की सुबह 10 से 10.30 के बीच 27 फरवरी की सुबह पाकिस्‍तानी एयरफोर्स के लड़ाकू विमान LoC पार कर भारतीय सीमा में घुसे. एयरफोर्स ने 8 लड़ाकू विमानों को उनका पता लगाने भेजा था.

कश्‍मीर में हवाई सुरक्षा हाई एलर्ट पर थी. सरफेस-टू-एयर मिसाइलों को तैयार रखा गया था ताकि जरूरत पड़ने पर पाकिस्‍तानी एयरक्राफ्ट्स को निशाना बनाया जा सके. इसी समय श्रीनगर एयरपोर्ट के एयर डिफेंस रडार्स ने कम ऊंचाई पर उड़ रहे एक एयरक्राफ्ट को पकड़ा.

यहां तैनात एक वरिष्‍ठ अधिकारी ने हेलिकॉप्‍टर पर फायर करने के आदेश दिए. हालांकि उस हेलिकॉप्‍टर की एक महत्‍वपूर्ण सिस्‍टम Identification, Friend or Foe (IFF) ट्रांसपांडर के जरिए पहचान नहीं की सकी.

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