60 सीट वाली बसों में भरे गए 150-200 लोग, फिर भी बस अड्डों पर कम नहीं हुई भीड़, ये थी वजह

दिल्ली-यूपी बॉर्डर पर जो हाल लॉकडाउन (LockDown) के चौथे दिन देखने को मिला, वही हाल रात को 12 बजे भी बना रहा. भीड़ थोड़ी कम हुई लेकिन बसें उतनी माकूल संख्या में नहीं पहुंची कि भीड़ पर काबू पाया जाया सके.
Migrant workers crowd in lockdown, 60 सीट वाली बसों में भरे गए 150-200 लोग, फिर भी बस अड्डों पर कम नहीं हुई भीड़, ये थी वजह

दिल्ली-यूपी बॉर्डर पर जो हाल लॉकडाउन (LockDown) के चौथे दिन देखने को मिला, वही हाल रात को 12 बजे भी बना रहा. भीड़ थोड़ी कम हुई लेकिन बसें उतनी माकूल संख्या में नहीं पहुंची कि भीड़ पर काबू पाया जाया सके. लोगों का कहना है कि रोजगार और रोजी-रोटी की दिक्कत है इसलिए गांव जा रहे हैं.

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लॉकडाउन के बाद लोग मजबूरी में पैदल अपने गांव जा रहे थे लेकिन जैसे ही लोगों को पता लगा कि बसें चलने लगी हैं तो भीड़ बढ़ गई और पिछले 2 दिन में हजारों लोग सड़कों पर उतर पड़े. लोगों का मानना है कि अगर बसें न चलतीं और लोगों तक यह संदेश न जाता कि बसें चल रही है तो लॉकडाउन में इतनी भारी भीड़ नहीं जुटती.

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CoronaVirus से बचने के लिए सोशल डिस्टेंसिंग की बात की जाती है लेकिन यूपी रोडवेज की जो बसें यहां पर पहुंची, उनमें लोगों को ठूंस-ठूंसकर कर भर दिया गया. बस की क्षमता 50 से 55 लोगों की है और ऐसे में डेढ़ सौ से 200 लोग एक बस में सफर करते हुए दिखाई दिए. लोगों से बात की तो बताया कि यहां पर भूखा मरने से अच्छा है कि गांव में कोरोना के मर जाएं.

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भीड़ बढ़ने का कारण

भीड़ आती रही और रात भर बसें चलती रहीं, लेकिन बीते 2 दिन में ऐसा क्या हुआ कि हजारों की संख्या में भीड़ यूपी-दिल्ली बॉर्डर पर पहुंचने लगी. इसकी बड़ी वजह यह है कि यूपी सरकार और दिल्ली सरकार आपस में समन्वय और अच्छा तालमेल नहीं बिठा पाई जिसका खामियाजा लोगों को भुगतना पड़ा. दिल्ली सरकार की तरफ से 570 डीटीसी की बसें लगाई गई जो लोगों को दिल्ली के कोने-कोने से लाकर दिल्ली-यूपी के बॉर्डर पर छोड़ती रहीं, लेकिन यूपी सरकार की तरफ से आने वाली बसों की संख्या पर्याप्त नहीं रही, जिसके चलते भीड़ यूपी दिल्ली के बॉर्डर पर इकट्ठा होती रही.

आनंद विहार (Anand Vihar) बस अड्डे पर लगातार बनी हुई भीड़ को देखते हुए दिल्ली सरकार ने फैसला लिया कि डीटीसी की बसें लोगों को यूपी बॉर्डर पार कराएं. डीटीसी की बसें यूपी के आसपास के इलाके जैसे हापुड़, मुरादनगर, मेरठ और लाल कुआं तक छोड़ने गईं. कौशांबी डिपो खाली कराया गया. डीटीसी की बसों में भरकर लोगों यूपी बॉर्डर पार कराया गया है लेकिन भीड़ का आना लगातार ज़ारी है. लोग लगातार आ रहे हैं लेकिन उन्हें एक जगह इकट्ठा नहीं होने दिया जा रहा और न ही डीपो के भीतर जाने दिया जा रहा है.

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