भारत की ड्रैगन को खरी-खरी, चीनी सैनिक डाल रहे पेट्रोलिंग में अड़ंगा

भारतीय विदेश मंत्रालय (Ministry of External Affairs) ने दो टूक कहा कि भारत अपनी संप्रभुता और सुरक्षा करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है. मंत्रालय ने चीन (China) द्वारा लगाए जा रहे आरोपों का खंडन किया है.

भारतीय और चीनी सेना के बीच लद्दाख (Ladakh) क्षेत्र में तनातनी को लेकर विदेश मंत्रालय ने प्रतिक्रिया दी है. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने गुरुवार को कहा कि भारतीय सैनिक (Indian troops) सीमा से पूरी तरह वाकिफ हैं. चीनी सैनिकों ने भारतीय बलों द्वारा की जा रही पेट्रोलिंग में बाधा डाली है.

भारतीय विदेश मंत्रालय (Ministry of External Affairs) ने दो टूक कहा है कि भारत अपनी संप्रभुता और सुरक्षा करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है. जहां तक सैनिकों के बीच हुई नोंकझोंक का सवाल है तो इस मसले पर दोनों ही देशों के राजनयिक समस्‍या को सुलझाने के लिए हमेशा एक दूसरे से संपर्क में रहते हैं.

उन्होंने कहा कि ऐसा कोई भी आरोप जिसमें यह कहा जा रहा है कि भारतीय सैनिकों ने पश्चिमी सेक्टर में या सिक्किम सेक्टर में वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पार करने जैसी गतिविधि को अंजाम दिया है, वह सही नहीं है.

नेपाल के मामले पर प्रवक्ता ने कहा कि नेपाल के साथ सीमा से जुड़े सभी मामलों को बातचीत के जरिये सुलझाया जाएगा. हमें उम्मीद है कि नेपाल का राजनीतिक नेतृत्व बातचीत के लिए सकारात्मक माहौल पैदा करेगा.

वहीं नेपाल के एक्शन के पीछे चीन के हाथ को लेकर, आर्मी चीफ के बयान के संदर्भ में विदेश मंत्रालय ने कुछ भी बोलने से मना कर दिया. भारतीय विदेश मंत्रालय ने एक सवाल के जवाब में चीन को साउथ चाइना सी क्षेत्र में उसकी सीमा की याद दिलाई.

विदेश मंत्रालय के बयान में कहा गया कि वंदे भारत मिशन के तहत भारतीयों की स्वदेश वापसी को लेकर तीसरा चरण भी चलाया जाएगा.  प्राइवेट एयर लाइन्स को भी शामिल करने को लेकर चर्चा चल रही है.

वहीं विदेश मंत्रालय ने बताया कि विजय माल्या के भारत प्रत्यर्पण को लेकर हाई कोर्ट के फैसले के बाद भारत और ब्रिटिश सरकार बातचीत कर रही है कि अगला कदम क्या और कैसे होगा.

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