6 साल के बच्चे को पेटा ने दिया अवार्ड, वजह जानकर आप भी हो जाएंगे भावुक

आपको याद होगा कुछ दिनों पहले सोशल मीडिया में एक बच्चे की फोटो खूब वायरल हुई थी. बच्चे के एक हाथ में मुर्गी का चूजा था और दूसरे हाथ में दस रुपये का नोट.
पेटा, 6 साल के बच्चे को पेटा ने दिया अवार्ड, वजह जानकर आप भी हो जाएंगे भावुक

नई दिल्ली: आपको याद होगा कुछ दिनों पहले सोशल मीडिया में एक बच्चे की फोटो खूब वायरल हुई थी. बच्चे के एक हाथ में मुर्गी का चूजा था और दूसरे हाथ में दस रुपये का नोट. ये बच्चा चूजा और दस रुपये का नोट लेकर अस्पताल पहुंचा था और डॉक्टर से चूजे का इलाज करने की बात कही थी. इस बच्चे को देखकर लोग भावुक हो गए थे.

मुर्गी के चूजे को लेकर अस्पताल पहुंचे बच्चे को पेटा (People for the Ethical Treatment of Animals) ने पुरस्कार देकर सम्मानित किया है. पेटा से इनाम पाकर बच्चा और उसका परिवार काफी खुश है.

चूजे के प्रति मानवता दिखाने वाले बच्चे का नाम डेरेक सी लालचन्हिमा है, जो मिजोरम का रहने वाला है. डेरेक जब चूजा लेकर डॉक्टर के पास आया तो किसी ने उसका फोटो खींच लिया था. डेरेक एक टायर से खेल रहा था, जिसके नीचे मुर्गी का चूजा आ गया था. टायर के नीचे दबने के कारण उसे चोट लग गई थी, जिसके बाद डेरेक परेशान हो गया, वो चूजे को उठाकर अपने घर आया और अपनी गुल्लक से 10 रुपए निकालकर अस्पताल पहुंच गया.

अस्पताल के डॉक्टरों ने जब बच्चे को देखा तो वो कुछ समझ नहीं पाए और बच्चे से पूछा कि यहां किस काम के लिए आए हो. डेरेक ने डॉक्टरों से उसका इलाज करने को कहा और बदले में पैसे देने की पेशकश भी की, डेरेक की बातें सुनकर अस्पताल का पूरा स्टाफ भावुक हो गया, उसकी फोटो सोशल मीडिया पर वायरल हो गई. ये फोटो और उसके पीछे की कहानी जानने के बाद पेटा ने डेरेक को दयालु बच्चा अवार्ड देने का निर्णय लिया. पेटा ये अवॉर्ड 8 से 12 वर्ष के उन बच्चों को देती है, जो जानवरों की पीड़ा को बेहतर तरीके से समझते हैं.

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