मीटू मामले में एम जे अकबर से क्रॉस एग्जामिनेशन

दिल्ली की रॉउज एवेन्यू कोर्ट में सोमवार को एम जे अकबर की ओर से पत्रकार वीनू संडाल का प्रिया रमानी की वकील रेबेका जॉन ने क्रॉस एग्जामिनेशन किया गया.

नई दिल्ली: मीटू प्रकरण को लेकर पूर्व केंद्रीय मंत्री एमजे अकबर के मानहानि मामले में दिल्ली की रॉउज एवेन्यू कोर्ट में सोमवार को क्रॉस एग्जामिनेशन हुआ. एमजे अकबर ने पत्रकार प्रिया रमानी के खिलाफ आपराधिक मानहानि का मुकदमा दायर किया हुआ है.

एम जे अकबर की ओर से पत्रकार वीनू संडाल का प्रिया रमानी की वकील रेबेका जॉन ने क्रॉस एग्जामिनेशन किया गया. इसके आगे भी कई गवाहों का क्रॉस एग्जामिनेशन होगा. मामले में अगली सुनवाई 17 जुलाई को होगी.

इससे पहले रमानी की वकील रेबेका जॉन ने एम जे अकबर से दर्जनों सवाल पूछे थे. ज्यादातर सवाल 1993 में रमानी को इंटरव्यू के लिए होटल में बुलाने से जुड़े हुए थे. अकबर ने उन तमाम आरोप को भी सिरे से खारिज कर दिया था.

रमानी की वकील ने अकबर से कहा था कि वह पूरी तरह झूठ बोल रहे हैं. जॉन ने कहा था कि उन्होंने रमानी को न सिर्फ होटल के कमरे में बुलाया बल्कि उसे शराब भी ऑफर की थी. रमानी से यह तक पूछा गया था कि उन्हें हिंदी गाने पसंद है या अंग्रेजी? ऐसा इसलिए क्योंकि शराब ऑफर करते समय अकबर रमानी की पसंद का म्यूजिक लगाना चाहते थे.

इससे पहले कोर्ट में अपना बयान दर्ज कराते हुए अकबर ने अपने पत्रकारिता करियर, लेखक होने के बारे में बताया था. अकबर ने कहा था कि बतौर पत्रकार मेरा करियर काफी लंबा रहा है, मैं काफी छोटी उम्र में ही संडे गार्जियन (कोलकाता) का एडिटर बन गया था.

ये है मामला

ये पूरा विवाद महिला पत्रकार प्रिया रमानी द्वारा ट्विटर पर ‘मी टू’ कैंपेन में पत्रकार से राजनेता बने एमजे अकबर पर यौन दु‌र्व्यवहार का आरोप लगाने से शुरू हुआ था. धीरे-धीरे कुछ और महिलाओं ने भी “मी टू” कैंपेन के तहत ट्विटर पर ही अकबर पर ऐसे ही आरोप लगाए थे. जिसके चलते एमजे अकबर को अपने पद से इस्तीफा भी देना पड़ा था. इस्तीफे के बाद अकबर ने प्रिया रमानी के खिलाफ आपराधिक मानहानि का मुकदमा दायर किया था.

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