MeToo मानहानि मामला: कोर्ट में पेश हुए MJ अकबर, कहा- ‘प्रिया रमानी के सारे आरोप बेबुनियाद’

MJ अकबर से जिरह के बाद न्यायालय ने मामले को अगली सुनवाई के लिए स्थगित कर दिया. अब 15 जुलाई को शिकायतकर्ता के अन्य गवाहों से जिरह होगी.

नई दिल्ली: पूर्व केंद्रीय मंत्री एम जे अकबर ने शनिवार को दिल्ली की एक अदालत में कहा कि पत्रकार प्रिया रमानी द्वारा उन पर लगाया गया यौन उत्पीड़न का आरोप झूठा है. पूर्व विदेश राज्यमंत्री ने जिरह के दौरान अतिरिक्त मुख्य महानगर दंडाधिकारी समर विशाल से कहा कि वह रमानी के खिलाफ मानहानि का मुकदमा नहीं करना चाहते थे और न ही वह उसे निशाना बनाना चाहते थे.

अकबर से जिरह के बाद न्यायालय ने मामले को अगली सुनवाई के लिए स्थगित कर दिया. अब 15 जुलाई को शिकायतकर्ता के अन्य गवाहों से जिरह होगी. पत्रकार से राजनेता बने अकबर ने रमानी के खिलाफ सात गवाह पेश किए. ये गवाह पहले यौन उत्पीड़न का आरोप लगाने वाली महिला पत्रकार की लंबी सूची में थे.

अकबर ने अतिरिक्त मुख्य मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट समर विशाल से कहा, ‘मैं अवगत नहीं हूं, ना ही मैंने रूथ डेविड का ऐसा कोई आलेख पढ़ा जिसमें मेरी ओर से किए गए यौन दुर्व्यव्यहार के उदाहरण दिए गए हों. यदि कोई आलेख लिखा भी गया था तो मैं आरोपों को खारिज करता हूं.’

मी टू मुहिम के दौरान अपने खिलाफ आरोप लगाए जाने पर पिछले साल 17 अक्टूबर को अकबर ने केंद्रीय मंत्रिमंडल से इस्तीफा दे दिया था. उन्होंने रमानी के खिलाफ शिकायत दायर करने से पहले कहा था कि वह इस बात से अवगत हैं कि कई अन्य महिलाओं ने भी उनके खिलाफ आरोप लगाए हैं लेकिन वह किसी और के खिलाफ मानहानि की शिकायत दायर नहीं करेंगे.

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