BJP विधायक की मौत: लॉ एंड ऑर्डर पर राष्ट्रपति से मिले पार्टी नेता, पश्चिम बंगाल में बंद का असर

बीजेपी (BJP) के राष्ट्रीय महासचिव और पश्चिम बंगाल के प्रभारी कैलाश विजयवर्गीय (Kailash Vijayvargiya) आज राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से मिलेंगे. बंगाल में बिगड़ते कानून व्यवस्था और बीजेपी विधायक की मौत के संबंध में एक मेमोरेंडम देंगे.
MLA Debendra Nath Ray death case, BJP विधायक की मौत: लॉ एंड ऑर्डर पर राष्ट्रपति से मिले पार्टी नेता, पश्चिम बंगाल में बंद का असर

पश्चिम बंगाल (West Bengal) के हेमताबाद से बीजेपी विधायक देबेंद्र नाथ रे (Debendra Nath Ray) का शव सोमवार को बिंदल में उनके गांव के घर के पास फंदे से लटका मिला था. जिसके बाद पार्टी और परिवार ने दावा किया है कि उनकी हत्या की गई है. इस घटना के बाद से बीजेपी नेता गुस्से में हैं.

बीजेपी ने विधायक देबेंद्र नाथ रे की मौत के विरोध में आज नॉर्थ बंगाल के जिलों में  12 घंटे के बंद का आह्वान किया है. वहीं एक डेलिगेशन के साथ बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव और पश्चिम बंगाल के प्रभारी कैलाश विजयवर्गीय (Kailash Vijayvargiya) ने आज राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से मुलाकात की है. बंगाल में बिगड़ते कानून व्यवस्था और बीजेपी विधायक की मौत के संबंध में उन्होंने ब्यौरा दिया.

बीजेपी सांसद राजू बिष्ट ने कहा- रात 1 बजे विधायक को आया था फोन

बीजेपी के दार्जिलिंग से सांसद राजू बिष्ट ने कहा है कि जब राज्य में निर्वाचित जनप्रतिनिधि सुरक्षित नहीं हैं तो फिर आम आदमी की बात ही छोड़िए. इस घटना की केंद्रीय एजेंसियों से निष्पक्ष जांच होनी बहुत जरूरी है.

बीजेपी सांसद ने कहा कि पश्चिम बंगाल में हिंसा, हत्या और हाथापाई की राजनीति ऐसे अनुपात में पहुंच गई है कि एक विधायक की निर्दयता से हत्या कर दी जाती है. टीमएसी ने शासन करने का अधिकार खो दिया है. बंगाल के लोग अब बदलाव का इंतजार कर रहे हैं, जल्द ही टीएमसी को उखाड़ फेंका जाएगा.

भाजपा सांसद ने कहा कि मारे गए विधायक के परिवार ने मुझे बताया कि कुछ लोगों ने उन्हें रात एक बजे फोन कर बुलाया. समर्पित सामाजिक कार्यकर्ता होने के कारण बगैर किसी साजिश की परवाह किए वह मदद के लिए चले गए. दुर्भाग्य से फिर वह वापस नहीं लौटे. उनका शव घर से दो किलोमीटर दूर लटकता मिला.

राजू बिष्ट ने कहा, “मुझे बताया गया है कि पार्टी में शामिल होने के लिए टीएमसी काफी दबाव डाल रही थी. उन्होंने टीएमसी में शामिल होने से इन्कार कर दिया था. पिछले चार दिनों से उन्हें उत्तरी दिनाजपुर के टीएमसी नेताओं की ओर से परेशान किया जा रहा था. टीएमसी का विरोध ही उनकी हत्या का कारण बना. इस घटना की केंद्रीय एजेंसियों के स्तर से निष्पक्ष जांच की मांग करते हैं.”

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