मोदी के कार्यकाल में सख्त होंगे ट्रैफिक रूल्स, भरना होगा 10 गुना ज्यादा चालान

नए बिल में पर्यावरण के साथ वाहनों की ऑटोमेटेड फिटनेस टेस्टिंग को लेकर भी बदलाव लाए जा सकते हैं. अगर यह बिल पास हुआ, तो फाइन की सीमा 1 लाख रुपये तक हो सकती है.

नई दिल्ली: सड़क हादसों को रोकने के लिए पीएम मोदी की सरकार जल्द ही नया बिल ला सकती है, जिसके मुताबिक  ट्रैफिक नियमों को तोड़ने पर 10 गुना ज्यादा चालान काटा जाएगा. रिपोर्ट के मुताबिक जल्द राज्यसभा में सड़क परिवहन और हाइवे मंत्रालय की तरफ से मोटर व्हीकल्स के अमेंडमेंट बिल को पेश किया जा सकता है.

बता दें कि अगर राज्यसभा में ये बिल पास होता है तो चालान के सभी नियम बदल जाएंगे. नये बिल में पहले के मुकाबले 10 गुना ज्यादा जुर्माना, पीड़ितों को ज्यादा मुआवजा और कुछ मामलों में कार के मालिक के खिलाफ क्रिमिनल केस जैसी बातों पर जोर दिया गया है.

इस बिल को पहले ही लोकसभा में पास किया जा चुका है. अब सरकार जल्द Motor Vehicles Act, 1988 के अमेंडमेंट बिल को राज्यसभा में पेश कर सकती है. हालांकि, इस बिल को पास कराने को लेकर सरकार के सामने जो सबसे बड़ी चुनौती है वो बिल को बहुमत से पास कराने की है.

जानिए नए बिल में क्या होंगे बदलाव?

  • ट्रैफिक नियमों को तोड़ने पर ज्यादा फाइन लगेगा.
  • नियम तोड़ने वाला अगर नाबालिग है तो कार के मालिक पर क्रिमिनल केस किया जा सकता है.
  • कंपनियों को कार के खराब पार्ट को ठीक करने के लिए कार वापस लेनी होगा और सुधारकर वापस लौटाना होगा.
  • खराब क्वालिटी की जिम्मेदार कार कंपनियां होंगी.
  • शराब पीकर गाड़ी चलाने पर 2,000 रुपये की बजाय 10,000 रुपये का जुर्माना लगेगा.
  • रैश ड्राइविंग पर 1,000 की जगह 5,000 रुपये का चालान होगा.
  • ड्राइविंग लाइसेंस के बगैर ड्राइविंग पर 500 रुपये की जगह 5,000 रुपये का चालान होगा.
  • स्पीड लिमिट क्रॉस करने पर 400 रुपये की बजाय 1,000 से 2,000 रुपये तक का चालान कटेगा.
  • सीट बेल्ट के बिना गाड़ी चलाने पर 100 रुपये से बढ़ाकर 1000 रुपये का चालान कटेगा.
  • लाइसेंस और रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट के लिए आधार अनिवार्य होगा.
  • जरूरी मापदंडो को पूरा न कर पाने पर कार कंपनियों को 500 करोड़ रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है.

बिल में खास क्या है?

सरकार की तरफ से ‘हिट एंड रन’ मामले में पीड़ित परिवार को 25,000 रुपये से बढ़ाकर 2 लाख रुपये मुआवजा दिया जाएगा. वहीं किसी नाबालिग के ट्रैफिक नियम तोड़ने पर कार मालिक के खिलाफ क्रिमिनल केस चलाया जाएगा. बशर्ते कार मालिक अगर ये साबित कर पाए उसकी जानकारी के बिना गाड़ी को इस्तेमाल किया गया है, तो उसे माफ किया जा सकता है. इसके बाद नाबालिग पर Juvenile Justice Act के तहत कार्रवाई की जाएगी और  वाहन का रजिस्ट्रेशन रद्द कर दिया जाएगा.