सावन खत्म होने के बाद हो सकता है मोदी सरकार के कैबिनेट का विस्तार

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 30 मई 2019 को 57 मंत्रियों के साथ शपथ ली थी. नियमों के मुताबिक लोकसभा की कुल सदस्य संख्या का 15 प्रतिशत यानी अधिकतम 81 मंत्री बनाए जा सकते हैं. पिछली सरकार में मोदी सरकार में 70 मंत्री थे.
Modi government's cabinet, सावन खत्म होने के बाद हो सकता है मोदी सरकार के कैबिनेट का विस्तार

मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल का पहला कैबिनेट विस्तार सावन खत्म होने के बाद हो सकता है. छह जुलाई से शुरू हुआ सावन का महीना, तीन अगस्त को खत्म होगा. पार्टी सूत्रों का कहना है कि ऐसे में अगस्त के दूसरे सप्ताह में कैबिनेट विस्तार करने की तैयारी है. दरअसल, सावन महीने में शुभ कार्य करने से लोग बचते हैं.

BJP में मुहूर्त आदि का खास ख्याल रखा जाता है. ऐसे में पार्टी सूत्रों का कहना है कि सावन महीना खत्म होने के बाद लंबित चल रहा कैबिनेट विस्तार किया जा सकता है. इससे पहले BJP की राष्ट्रीय टीम घोषित होगी. BJP के एक वरिष्ठ नेता ने बीते दिनों अनौपचारिक बातचीत में यह संकेत दिए थे कि पहले राष्ट्रीय टीम घोषित होगी, उसके बाद कैबिनेट फेरबदल होगा.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 30 मई 2019 को 57 मंत्रियों के साथ शपथ ली थी. नियमों के मुताबिक लोकसभा की कुल सदस्य संख्या का 15 प्रतिशत यानी अधिकतम 81 मंत्री बनाए जा सकते हैं. पिछली सरकार में मोदी सरकार में 70 मंत्री थे. ऐसे में माना जा रहा है कि इस बार भी पिछली बार के आंकड़े पर प्रधानमंत्री मोदी ने अमल किया तो कम से कम 13 नए मंत्रियों को सरकार में जगह मिल सकती है.

जेपी नड्डा की टीम की लिस्ट तैयार है

हरियाणा से मोदी सरकार में शामिल केंद्रीय सामाजिक अधिकारिता एवं न्याय मंत्री कृष्णपाल गुर्जर को पद मुक्त कर प्रदेश BJP की कमान देने की तैयारी चल रही है. पार्टी सूत्रों का कहना है कि RSS के सह सर कार्यवाह डॉ. कृष्णगोपाल, BJP के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा और पार्टी के संगठन महामंत्री बीएल संतोष की जून में प्रधानमंत्री मोदी के साथ इस मसले पर बैठक हो चुकी है. डॉ. कृष्णगोपाल ही RSS और BJP के बीच कोआर्डिनेशन देखते हैं.

BJP के एक नेता ने कहा, “राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा की टीम की लिस्ट तैयार है, इसका साफ मतलब है कि कौन संगठन से सरकार में और सरकार से संगठन में आएगा, किस राज्य से संगठन और सरकार में कितने लोग आएंगे, इसका खाका तय हो चुका है.” सूत्रों का कहना है कि संगठन से राष्ट्रीय महासचिव भूपेंद्र यादव, डॉ. अनिल जैन, अनिल बलूनी का नाम मंत्री बनने के संभावितों में है.

सरकार में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के मकसद से राष्ट्रीय महासचिव सरोज पांडेय को भी राज्य मंत्री की जिम्मेदारी मिल सकती है. राजस्थान से जुड़े एक मंत्री को ड्रॉप किया जा सकता है. आठ कैबिनेट मंत्रियों के पास से दो से तीन मंत्रालय हैं. कुछ स्वतंत्र प्रभार वाले मंत्रियों के पास भी एक से अधिक मंत्रालय हैं. ऐसे में इन मंत्रियों का भार कम किया जा सकता है.

ज्योतिरादित्य सिंधिया बनेंगे केंद्रीय मंत्री?

मध्य प्रदेश से राज्यसभा सदस्य बने ज्योतिरादित्य सिंधिया का नाम भी मोदी सरकार के संभावित मंत्रियों में चल रहा है. सूत्रों का कहना है कि एस जयशंकर की तर्ज पर कुछ विशेषज्ञों को भी कैबिनेट में शामिल किया जा सकता है. नवंबर में संभावित बिहार चुनाव के कारण JDU को भी सरकार में हिस्सेदारी दी जा सकती है. पार्टी सूत्रों का कहना है कि मोदी सरकार में मिडिल ऑर्डर में परिवर्तन होने की ज्यादा संभावना है. अगर कैबिनेट में फेरबदल हुआ तो एक मंत्री को हटाया जा सकता है.

सूत्रों का कहना है कि कैबिनेट विस्तार की कवायदें पिछले साल दिसंबर में ही प्रधानमंत्री मोदी ने शुरू कर दीं थी, जब 21 दिसंबर को उन्होंने कैबिनेट की मैराथन समीक्षा बैठक की थी, उसके बाद ही मंत्रियों की परफार्मेंस रिपोर्ट तैयार हुई थी, लेकिन बाद में BJP के संगठनात्मक चुनाव और फिर कोरोना की चुनौती के कारण मामला लटक गया. मगर, अब मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल को पूरा किए एक साल से ज्यादा हो चुके है. ऐसे में कैबिनेट विस्तार अब होना तय है. 2014 में बनी सरकार के दौरान छह महीने के अंदर पहला कैबिनेट विस्तार हो गया था.

जून में मंत्रिपरिषद को लेकर संघ पदाधिकारियों और BJP नेताओं के बीच हुई बैठक से साफ है कि अगस्त से सितंबर के बीच में मोदी सरकार कैबिनेट का विस्तार करेगी. इस बात को इसलिए भी बल मिल रहा है कि ज्योतिरादित्य सिंधिया के समर्थक मध्य प्रदेश में 24 सीटों के सितंबर में संभावित उपचुनाव से पहले उन्हें केंद्र सरकार में जिम्मेदारी मिलने की मांग उठा रहे हैं. उनका कहना है कि इससे उपचुनाव में BJP को फायदा होगा.

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