MP Crisis: गवर्नर के सामने शिवराज ने कराई 106 विधायकों की परेड, SC पहुंचा फ्लोर टेस्ट का मामला

मध्य प्रदेश में चल रही सियासी उथल-पुथल अब और तेज हो गई है. राज्यपाल लालजी टंडन ने सीएम कमलनाथ (CM Kamal Nath) को 16 मार्च को फ्लोर टेस्ट कराने का आदेश दिया है.

मध्य प्रदेश में चल रही सियासी उथल-पुथल अब और तेज हो गई है. राज्यपाल लालजी टंडन ने सीएम कमलनाथ (CM Kamal Nath) को 16 मार्च को फ्लोर टेस्ट कराने का आदेश दिया है. वहीं, विधानसभा अध्यक्ष की ओर से जारी सदन के आज की कार्य सूची में फ्लोर टेस्ट शामिल नहीं है.

कांग्रेस (Congress) और बीजेपी (BJP) ने अपने विधायकों के लिए थ्री लाइन व्हिप जारी कर दिया है. 16 मार्च को सभी विधायकों को अनिवार्य रूप से विधानसभा में मौजूद रहने का आदेश दिया है. मध्य प्रदेश की सियासी हलचल से जुड़ी हर ताजा अपडेट के लिए पढ़ें –

LIVE Updates MP Political Crisis

  • भाजपा ने 106 विधायकों का समर्थन-पत्र राज्यपाल को सौंपा, साथ ही विधायकों की परेड कराई. भाजपा के पास 107 विधायक हैं. लेकिन एक विधायक का नाम समर्थन पत्र में नहीं है.
  • मध्य प्रदेश विधानसभा को 26 मार्च तक के लिए स्थगित किए जाने के निर्णय को सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई है. पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और नौ अन्य ने विधानसभा अध्यक्ष के फैसले के खिलाफ शीर्ष अदालत का रुख किया है.
  • मध्यप्रदेश में चल रहे सियासी ड्रामे के बीच कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता और वकील कपिल सिब्बल ने कहा कि फ्लोर टेस्ट पर फैसला लेना विधानसभा अध्यक्ष के अधिकार क्षेत्र में है.
  • भाजपा के वरिष्ठ नेता नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि सोमवार को फ्लोर टेस्ट न होने की स्थिति में भाजपा कोर्ट का दरवाजा खटखटाएगी.
  • विधानसभा स्पीकर एनपी प्रजापति ने 26 मार्च तक विधानसभा की कार्यवाही को स्थगित कर दिया है.

  • मध्य प्रदेश विधानसभा में राज्यपाल के अभिभाषण के बाद सदन में जमकर हंगामा हुआ. अभिभाषण के दौरान राज्यपाल लालजी टंडन ने कहा कि सभी विधायक अपनी जिम्मेदारी निभाएं.
  • सीएम कमलनाथ ने राज्यपाल को पत्र लिखकर कहा कि बीजेपी द्वारा कांग्रेस के विधायकों को बंदी बनाकर कर्नाटक पुलिस के नियंत्रण में रखकर उन्हे विभिन्न प्रकार का बयान देने के लिए मजबूर किया जा रहा है. ऐसी परिस्थितियों में विधानसभा में किसी भी फ्लोर टेस्ट का कोई औचित्य नहीं होगा.

 

  • मध्य प्रदेश के राज्यपाल लालजी टंडन ने सीएम कमलनाथ को पत्र लिखकर कहा कि विधानसभा में विश्वास मत के दौरान मतदान के लिए ‘हाथों को ऊपर उठाने’ की विधि द्वारा किया जाना चाहिए. पत्र में यह भी कहा गया है कि बीजेपी ने राज्यपाल को लिखे पत्र में उल्लेख किया है कि विधानसभा में इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग सिस्टम उपलब्ध नहीं है.

  • विधानसभा की कार्यसूची में विश्वास मत का जिक्र ना होने को लेकर भाजपा के नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव और नरोत्तम मिश्रा ने राज्यपाल से मुलाकात की थी और कार्यसूची में विश्वास मत का जिक्र ना होने पर आपत्ति दर्ज कराई थी.
  • इससे पहले मुख्यमंत्री कमलनाथ ने देर रात को राज्यपाल लालजी टंडन से राजभवन में मुलाकात की थी. उसके बाद कहा था कि विधानसभा में क्या होगा यह तो विधानसभा अध्यक्ष तय करेंगे. इस पर देर रात प्रतिक्रिया देते हुए पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि विधानसभा में क्या होगा यह तो सरकार तय करती है और उस आधार पर संचालन विधानसभा अध्यक्ष द्वारा ही किया जाता है.

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