मासूमों के अपहरण और हत्या मामले में 6 अरेस्ट

चित्रकूट में दो जुड़वा भाईयों का अपहरण के बाद हुई हत्या में पुलिस ने 6 लोगों को गिरफ्तार किया है. रीवा आईजी रेंज ने पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी है.

चित्रकूट: दो जुड़वां बच्चों की अपहरण के बाद हत्या मामले में पुलिस ने छह लोगों को गिरफ्तार किया गया है. पकड़े गए सभी अभियुक्तों को आईपीसी (इंडियन पीनल कोर्ट) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है. चित्रकूट अपहरण कांड में आईजी रीवा, चंचल शेखर ने बच्चों के अपहरण और बाद में हत्या के केस का खुलासा किया.

आईजी ने कहा है कि प्रयास करने के बाद भी अपहरणकर्ताओं का पता नहीं चल पाया. व्यवसायिक, पारिवारिक कनेक्शन के आधार पर भी जांच की गई, लेकिन कोई कोई सुराग नहीं मिला था. फिरौती मांगने के बाद संदेहियों का स्कैच तैयार कराया गया था. पहले अपहरणकर्ताओं ने बच्चों के पिता से दो करोड़ की फिरौती मांगी, लेकिन उन्होंने 20 लाख रुपए चुपचाप आरोपियों तक पहुंचा दिए.

आईजी के मुताबिक घटना के बाद बच्चों के चित्रकूट में ही एक बाड़े के तलघर में रखा गया. दो दिन बाद बच्चों के पिता बृजेश रावत के पास अपहरणकर्ताओं फोन आया और दो करोड़ रुपए की फिरौती मांगी गई. बृजेश ने ये बात पुलिस को बताई. पुलिस ने नंबर ट्रेस किया तो ये नंबर यूपी के वसंता वर्मन का निकला, वर्मन के बताए हुलिए के आधार पर पुलिस ने स्केच बनवाया पर आरोपियों तक नहीं पहुंच पाई. इस बीच पिता के पास कई फोन आए. लेकिन, हर बार आरोपी किसी राह चलते व्यक्ति से कॉल करते थे.

19 तारीख को आरोपियों ने बच्चों की बात उनके पिता से कराई और उन्होंने पुलिस को बिना बताए फिरौती की रकम 20 लाख रुपए उन्हें दे दी। इस बीच पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली की जब आरोपी फिरौती की मांग फोन पर कर रहे थे. तब मोबाइल धारक को शंका हुई उसने अपने मोबाईल से अपहरणकर्ताओं के मोटरसाईकिल के नंबर का फोटो खींच लिया. उस बाइक नंबर के जरिए पुलिस आरोपी रोहित द्विवेदी तक पहुंच उसे गिरफ्तार कर लिया. पूछताछ में उसने अपहरण की बात स्वीकार की.