2 लाख MSME के सुधरेंगे दिन, अब आएगा बंपर निवेश और नौकरियां ही नौकरियां

नितिन गडकरी ने बताया कि कोरोना की मार का असर देश की अर्थव्यवस्था पर भी पड़ा है. ऐसे में सरकार ने अर्थव्यवस्था को गति देने और MSME के जरिए कारोबारों को फिर से पटरी पर लाने के लिए प्रस्तावित 20,000 करोड़ रुपए के पैकेज को मंजूरी दे दी है.

MSME to bring economy back on track, 2 लाख MSME के सुधरेंगे दिन, अब आएगा बंपर निवेश और नौकरियां ही नौकरियां

मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल का पहला साल और कोरोना महामारी को फैलने से रोकने के लिए लगाए गए लॉकडाउन-4 के खत्म होने के बाद केंद्रीय कैबिनेट की सोमवार को बैठक हुई. इस बैठक में MSME को लेकर कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए, जिसके बारे में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने प्रेस ब्रीफिंग में बताया.

केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने बताया कि MSME की परिभाषा को बदला गया है और इसमें कई ऐतिहासिक संशोधन किए गए हैं. ऐसा करने पर 2 लाख MSME कंपनियों को फायदा पहुंचेगा साथ ही निवेश भी बढ़ेगा. मालूम हो कि 2006 के बाद यानी 14 साल बाद MSME एक्ट को संशोधित किया गया है ताकि अर्थव्यवस्था को फिर से पटरी पर लाया जा सके और MSME सेक्टर को फिर से इतना काबिल बनाया जा सके कि वह नए रोजगार पैदा करे.

20,000 करोड़ के पैकेज को मिली मंजूरी

नितिन गडकरी ने बताया कि कोरोना की मार का असर देश की अर्थव्यवस्था पर भी पड़ा है. ऐसे में सरकार ने अर्थव्यवस्था को गति देने और MSME के जरिए कारोबारों को फिर से पटरी पर लाने के लिए प्रस्तावित 20,000 करोड़ रुपए के पैकेज को मंजूरी दे दी है. इसका ऐलान पिछले दिनों वित्त मंत्री निर्माल सीतारमण ने किया था. इसी के साथ MSME की परिभाषा को एक बार संशोधित किया गया है.

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प्रेस ब्रीफिंग में मौजूद केंद्रीय मंत्री प्रकाश जवाड़ेकर ने बताया कि पैकेज की मंजूरी के साथ ही MSME के लिए 50 हजार करोड़ रुपए के फंड ऑफ फंड्स के आधार पर इक्विटी निवेश का ऐलान भी किया गया है. इसके बाद अब कंपनियां बाजार में लिस्टेड होकर पैसा इकट्ठा कर सकेंगी.

बढ़ाई लागत और टर्नओवर की लिमिट

ब्रीफिंग में बताया गया कि लघु उद्योगों की टर्नओवर लिमिट को भी बढ़ा कर 250 करोड़ कर दिया गया है, वहीं निवेश की लिमिट को बढ़ा कर 50 करोड़ किया गया है. पहले ये लिमिट टर्नओवर पर 100 करोड़ और निवेश पर 20 करोड़ थी.

केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने बताया कि MSME जो एक्सपोर्ट करती है और जिनका रिकॉर्ड अच्छा है उनको शेयर मार्केट में जाने का मौका दिया जाएगा. गडकरी ने कहा कि 29 फीसदी जीडीपी में MSME का योगदान है. आज 6 करोड़ MSME हैं. यह देश के औद्योगिक विकास में सहयोग करेगा. MSME के लिए 4 हज़ार करोड़ के डिस्ट्रेस फंड का गठन किया गया है.

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