NIA कोर्ट ने दिया प्रज्ञा ठाकुर को झटका, पेशी से परमानेंट छूट की याचिका खारिज

कोर्ट में प्रज्ञा के वकील ने दलील दी थी कि संसद का सत्र शुरू हो चुका है. ऐसे में प्रज्ञा के ऊपर भोपाल के लोगों के मुद्दों को संसद में रखने की जिम्मेदारियां हैं.

नई दिल्ली: भोपाल से बीजेपी सांसद प्रज्ञा ठाकुर को मुंबई की NIA कोर्ट से बड़ा झटका लगा है. कोर्ट ने प्रज्ञा की उस याचिका को खारिज कर दिया है, जिसमें उन्होंने हफ्ते में एक दिन कोर्ट आने की बंदिश से हमेशा के लिए छूट मांगी थी.

प्रज्ञा के वकील की दलील
कोर्ट में प्रज्ञा के वकील ने दलील दी थी कि संसद का सत्र शुरू हो चुका है. ऐसे में प्रज्ञा के ऊपर भोपाल के लोगों के मुद्दों को संसद में रखने की जिम्मेदारियां हैं. इसलिए प्रज्ञा कोर्ट में हाजिर नहीं हो सकती हैं. लिहाजा उन्हें हफ्ते में एक दिन कोर्ट में पेश होने की बंदिश से हमेशा के लिए छूट दी जाए.

कोर्ट प्रज्ञा के वकीलों की दलील से सहमत नहीं हुई और उनकी याचिका को खारिज कर दिया. कोर्ट का कहना था कि प्रज्ञा के खिलाफ यूएपीए जैसे कठोर कानून के तहत मामले चलने वाले हैं, इसलिए उन्हें कोर्ट में हाजिर रहना होगा. हालांकि मुंबई की स्पेशल एनआईए कोर्ट ने उन्हें गुरुवार को कोर्ट में पेशी से छूट दे दी.


मालेगांव बम धमाके से जुड़ा है मामला
गौरतलब कि मालेगांव बम धमाके मामले में प्रज्ञा ठाकुर 8 जून को मुंबई के एनआईए कोर्ट में पेश हुई थीं. इस दौरान कोर्ट ने साध्वी समेत उपस्थित सभी आरोपियों से पूछा था कि क्या आप बता सकते हैं कि अब तक कितने गवाहों की गवाही हुई है? इस पर प्रज्ञा का जवाब था कि मुझे नहीं पता.

कोर्ट ने यह भी पूछा था कि अब तक गवाहों के बयान हैं कि 29 सितंबर 2008 को मालेगांव में धमाका हुआ था. मैं ये नहीं पूछ रहा हूं कि किसने किया. मैं ये सिर्फ ये जानना चाहता हूं आपका क्या कहना है? इस पर फिर प्रज्ञा ने जवाब दिया था कि मुझे नहीं पता.

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