केरल के एक मुस्लिम कॉलेज ने छात्राओं के बुर्का पहनकर आने पर लगाया बैन

मुस्लिम एजुकेशनल सोसायटी (एमईएस) ने एक सर्कुलर जारी कर राज्य में आगामी 2019-20 के शैक्षणिक सत्र से अपने परिसरों में चेहरा ढकने पर पाबंदी लगा दी है.

तिरुवनंतपुरम: केरल के एक मुस्लिम कॉलेज ने छात्राओं के बुर्का पहनने पर प्रतिबंध लगा दिया है. मुस्लिम एजुकेशनल सोसायटी (एमईएस) ने एक सर्कुलर जारी कर राज्य में आगामी 2019-20 के शैक्षणिक सत्र से अपने परिसरों में चेहरा ढकने पर पाबंदी लगा दी है. एमईएस का मुख्यालय कोझिकोड में है और यह 150 से ज्यादा शैक्षणिक संस्थानों को चलाता है.

‘कड़ाई से लागू हो नियम’
एमईएस अध्यक्ष फजल गफूर ने इस सर्कुलर को अप्रैल में जारी किया था. इसमें सभी शैक्षणिक संस्थानों में छात्रों और शिक्षकों द्वारा इस नियम का कड़ाई से पालन के निर्देश दिए गए थे.

गफूर ने मीडिया से कहा, “किसी भी विवाद की जरूरत नहीं है क्योंकि सुर्कलर में बताया गया है कि ड्रेस कोड मर्यादित होना चाहिए और चेहरा ढका नहीं होना चाहिए. यह हमारा विचार है और इसे लागू किया जाएगा.”

‘यह सही नहीं है’
1964 में स्थापित एमईएस 150 से ज्यादा शैक्षणिक संस्थानों को संचालित करता है. हालांकि, मुस्लिम संगठन समस्त केरल जमीयतुल उलेमा के अध्यक्ष सैयद मुहम्मद जिफरी थंगल ने कहा कि ये सब धार्मिक मुद्दे हैं.

थंगल ने कहा, “एमईएस धार्मिक मुद्दे पर निर्णय नहीं ले सकता और जो उन्होंने किया है, वह सही नहीं है.”

भारत में उठ रही मांग
गौरतलब है कि श्रीलंका सरकार ने आतंकी हमलों के बाद सार्वजनिक स्थानों पर चेहरा ढकने वाले हर तरह के कपड़ों पर बैन लगा दिया है. साथ ही भारत में भी कुछ राजनीतिक पार्टियों ने बुर्के पर प्रतिबंध लगाने की मांग रखी है. ऐसे में केरल के इस कॉलेज के फैसले को इन सब घटनाओं से भी जोड़ देखा जा रहा है.

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