रहमान कहते हैं- शिव तो मेरे ‘नाना’ हैं !

हिंदू-मुस्लिम की चौड़ी होती खाई के बीच ऐसी खबरें सुकून देती हैं. पढ़िए क्यों रहमान शिव को अपना नाना कहते हैं..

ये कहानी कोई 10-5 साल पुरानी नहीं है. 500 साल से ज्यादा बीत गए. एक मुस्लिम परिवार पीढ़ी-दर-पीढ़ी शिव की भक्ति में लगा हुआ है. गुवाहाटी के रंगमहल में रहने वाला ये परिवार ही यहां के शिव मंदिर का केयर टेकर है.

सिर्फ ये एक परिवार ही नहीं, इस इलाके में मुस्लिम और हिन्दू दोनों ही इस मंदिर और भगवान शिव में अगाध आस्था रखते हैं. वे इसी मंदिर में ही पूजा-अर्चना और अनुष्ठान करते हैं.

रहमान कहते हैं कि- “भगवान शिव मेरे लिए नाना की तरह हैं. मैं उन्हें नाना ही कहता हूं. यह 500 साल पुराना मंदिर है और इस मंदिर से ही मेरे परिवार की पहचान जुड़ी है.”

रहमान आगे कहते हैं- “लोग मंदिर में एक ही भाव से आते हैं. बस, श्रद्धा अर्पित करने का नाम बदल जाता है. जिसे हिन्दू भाई पूजा कहते हैं उसी को मुस्लिम दुआ कहते हैं. इस मंदिर में आकर दोनों की ही मुराद पूरी होती है. मैं खुद हर रोज यहां दुआ करता हूं.”

पूरे इलाके में इस मंदिर की बड़ी मान्यता है और इसे हिन्दू-मुस्लिम एकता की मिसाल के तौर पर देखा जाता है.