बिहार में मासूमों की मौत: सुप्रीम कोर्ट ने नीतीश सरकार से 7 दिन में मांगा जवाब

इंसेफेलाइटिस ने बिहार में इस साल अब तक 174 बच्‍चों की जान ली है.

नई दिल्‍ली: बिहार में एक्‍यूट इंसेफेलाइटिस सिंड्रोम (AES) से हो रही मौतों पर सुप्रीम कोर्ट ने बिहार सरकार से जवाब मांगा है. SC ने तीन मुद्दों- स्वास्थ्य सेवाओं की पर्याप्‍तता, पोषण और साफ सफाई को लेकर जवाब तलब किया है. अदालत ने नीतीश कुमार सरकार से 7 दिन में जवाब दाखिल करने को कहा है.

सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान बिहार सरकार ने दावा किया कि उसने इस संबंध में कदम उठाए हैं और हालात काबू में आ रहे हैं. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि कई मुद्दों पर जवाब की जरूरत है. राज्‍य सरकार ने जो कदम उठाए हैं, उसकी जानकारी हलफनामे के जरिए दी जाए.

बिहार में इंसेफेलाइटिस ने कुल 174 बच्‍चों की जान ली है. अकेले मुजफ्फरपुर में 130 बच्‍चे इस लाइलाज बीमारी के शिकार बने. यहांं के SKMCH अस्‍पताल में एक जनवरी से 110 बच्‍चों की मौत हो चुकी है. वहीं, केजरीवाल अस्‍पताल में 1 जून के बाद से अब तक 20 बच्‍चों ने जान गंवाई है.

याचिका में रखी गई हैं ये मांगें

सुप्रीम कोर्ट में दो अधिवक्‍ताओं- मनोहर प्रताप और सनप्रीत सिंह अजमानी ने जनहित याचिका दायर की है. दोनों ने अपनी याचिका में कहा है कि केंद्र और राज्य सरकार को एकसाथ स्थिति से निपटने के लिए जरूरी मेडिकल पेशेवरों के साथ तत्काल 500 आईसीयू की व्यवस्था करनी चाहिए.

याचिका में कहा गया है कि सरकारी अधिकारियों के लापरवाह दृष्टिकोण की वजह से यह स्थिति पैदा हुई है, क्योंकि उन्होंने इस बीमार से हर वर्ष बच्चों की मौतों को नजरअंदाज किया. याचिकाकर्ताओं ने मांग की है कि राज्य सरकार को प्रत्येक मृतक बच्चे के परिवारों को 10-10 लाख रुपये की सहायता राशि देनी चाहिए.