राजीव गांधी की हत्या की दोषी नलिनी को मिली पैरोल, 27 साल से है जेल में बंद

चेन्नई के पास एक चुनावी रैली में राजीव गांधी से मिलने के दौरान लिट्टे संगठन की आत्मघाती हमलावर महिला ने खुद को उड़ा लिया था.

चेन्नई: मद्रास उच्च न्यायालय ने शुक्रवार को पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की हत्या के दोषियों में से एक एस. नलिनी को एक महीने की पैरोल दे दी. नलिनी ने कोर्ट में याचिका दायर की कि वह अपनी बेटी की शादी के इंतजाम के लिए छह माह की पेरोल चाहती है.

नलिनी ने खुद की पैरवी
नलिनी ने व्यक्तिगत रूप से अपने मामले में पैरवी की. नलिनी ने अपनी दलील में कहा कि हर दोषी दो साल की जेल की सजा के बाद एक महीने की साधारण छुट्टी का हकदार होता है और उसने पिछले 27 साल में एक बार भी छुट्टी नहीं ली है.

नलिनी के अलावा मामले में दोषी ठहराए गए छह अन्य लोगों में उसके पति वी. श्रीहरन उर्फ मुरुगन, ए. जी. पेरारिवलन, टी. सुतेन्द्रराज उर्फ संथान, जयकुमार, रॉबर्ट पायस और रविचंद्रन शामिल हैं.

7 दोषी 1991 से जेल में बंद
चेन्नई के पास एक चुनावी रैली में राजीव गांधी से मिलने के दौरान लिट्टे संगठन की आत्मघाती हमलावर महिला ने खुद को उड़ा लिया था. इसके बाद से सभी सातों दोषी 1991 से जेल में कैद हैं.

नलिनी वैल्लोर में 27 साल से जेल में बंद है. उसकी बेटी का जन्म भी जेल में ही हुआ था. उसके साथ ही छह अन्य दोषी भी जेल में बंद हैं. इसमें उसका पति मुरुगन भी शामिल है. तमिलनाडु के श्रीपेरमबुदूर में एक चुनावी रैली के दौरान 21 मई 1991 में लिट्टे के आत्मघाती हमले में पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की हत्या हुई थी.

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