रेप मामले में नारायण साईं को उम्रकैद की सजा, एक लाख का जुर्माना भी लगा

सूरत की दो बहनों से रेप के आरोप में नारायण साईं को दोषी करार दिया गया है. सूरत की सेशसं कोर्ट ने करीब 11 साल पुराने मामले में सजा का ऐलान किया है.

नई दिल्ली: आशाराम के बेटे नारायण साईं को बलात्कार मामले में सूरत के सेशन कोर्ट ने दोषी करार देते हुए सजा का ऐलान किया है. नारायण को रेप के मामले में उम्रकैद की सजा दी गई है. साथ ही उसपर 1 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है.

सूरत की दो बहनों से रेप के आरोप में नारायण साईं को दोषी करार दिया गया है. सूरत की सेशसं कोर्ट ने करीब 11 साल पुराने मामले में सजा का ऐलान किया है. नारायण को शुक्रवार को ही दोषी करार दिया था. सजा का ऐलान मंगलवार को किया गया.

मौका-ए-वारदात से मिले थे सबूत

पुलिस ने पीड़ित बहनों के बयान पर नारायण साईं और आसाराम के खिलाफ केस दर्ज किया था. साथ ही पुलिस को घटनास्थल से कई सारे सबूत मिले थे. पीड़िता छोटी बहन ने नारायण साईं के खिलाफ पुलिस को ठोस सबूत दिए थे. साथ ही मौका-ए-वारदात से मिले सबूतों की पहचान भी की थी.

अंडरग्राउंड हो गया था साईं

बड़ी बहन ने आसाराम के खिलाफ पुलिस में मामला दर्ज करवाया था. केस दर्ज होने के बाद साईं अंडरग्राउंड हो गया था. इसके करीब दो महीने बाद साल 2013 के दिसंबर महीने में उसे हरियाणा-दिल्ली सीमा के पास से गिरफ्तार किया गया था. वो सिख के वेश में घूम रहा था.

आश्रम में किया था यौन शोषण

एक बहन ने साईं पर आरोप लगाया था कि उसने साल 2002 और 2005 के बीच सूरत में आश्रम में रहने के दौरान यौन शोषण किया था. पीड़िता की बड़ी बहन का आसाराम पर आरोप था कि उसने 1997 और 2006 के बीच अहमदाबाद में आश्रम में रहने के दौरान यौन शोषण किया था.

अलग-अलग दर्ज कराई थी शिकायत

साईं और आसाराम के खिलाफ दोनों बहनों ने अलग-अलग शिकायत दर्ज कराई थी. पुलिस ने आसाराम और उसके बेटे के खिलाफ दुष्कर्म, यौन शोषण और अवैध तरीके से बंधक बनाकर रखने और अन्य अपराध के तहत मामला दर्ज किया था.

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