पढ़िए कर्ज में डूबे जेट एयरवेज के इस पायलट का क्या कहना है

संकटग्रस्त जेट एयरवेज के कर्मचारियों की निराशा चरम पर पहुंच चुकी है, क्योंकि कंपनी बंद होने के करीब है. ऐसे में लगभग 20,000 कर्मचारियों का भविष्य अधर में लटक गया है.

नई दिल्ली. वित्तीय संकट के कारण जेट एयरवेज बंद होनी की कगार पर है. इसके चलते कंपनी के कंपनी के लगभग 20,000 कर्मचारियों का भविष्य अधर में लटक गया है. TV9 भारतवर्ष से बातचीत करते हुए कैप्टन असीम वालियानी का दर्द छलका. आइए जानते हैं TV9 भारतवर्ष से कैप्टन ने क्या-क्या बातें कहीं-

  • SBI ने जो 1500 करोड़ रुपए की फंडिंग का वादा किया था, जो हमारे लिए एक लाइफ लाइन थी. जब तक हमें कोई बिडर नहीं मिलता तब तक एयरलाइन चलने वाली थी. हमारी सैलरी निकलने वाली थी लेकिन वह कुछ भी नहीं हुआ है. जो भी उन्होंने कमेंट किया था वह अभी तक कुछ नहीं हुआ है और अगर यह फंडिंग नहीं आती है तो एयरलाइन का ऑपरेशन कभी भी सस्पेंड हो सकता है.
  • मैनेजमेंट ने हमें कन्वे किया है कि 400 करोड़ से कुछ नहीं होने वाला है. गवर्नमेंट अगर इस एयरलाइंस और जॉब को बचाने के लिए सीरियस है तो कम से कम हजार से 1500 करोड़ रुपए की जरूरत पड़ेगी.
  • जो पायलट्स इंजीनियर हैं उनकी करीब साढ़े 3 महीने की सैलरी है बाकी ग्राउंड स्टाफ की करीब 1 महीने की सैलरी बाकी है.
  • सबको मालूम है 8,000 करोड रुपए का जो कर्ज है. लेकिन अब वह बढ़ भी गया होगा क्योंकि जो सारे प्लेन पार्क है उसका किराया और बैंक का इंटरेस्ट चल रहा है तो यह बढ़ता जा रहा है.
  • SBI से जो पैसे आने थे अगर वह नहीं आएंगे तो फिर ज्यादा देर तक कंपनी नहीं चलेगी.
  • हमारी सैलरी का जो हिसाब-किताब है वह पिछले 7 महीने से रेगुलर नहीं है. हमें काफी कठिनाई हो रही है. काफी पायलट छोड़कर जा रहे हैं. हमारे ग्राउंड स्टाफ हैं और बाकी दूसरे स्टाफ को तकलीफ हो रही है.
  • लोगों के EMI बाउंस हो रहे हैं किसी का हॉस्पिटल का बिल है ,इसलिए लोगों को तकलीफ हो रही है.
  • बैंक ने जो हमारे सामने सारी जो कमिटमेंट रखी थी वो मैनेजमेंट की तरफ से मान ली गई थीं.

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