राजधानी दिल्ली का पहला कनॉल रिवर फ्रंट, साबरमती नदी की तर्ज पर हो रहा निर्माण

प्रीति अग्रवाल (Priti Aggarwal) ने बताया कि इस मुनक नहर के किनारे पंचवटी का निर्माण किया जा रहा है. इसमें चंदन, आंवला, रुद्राक्ष, नीम, पीपल और अर्जुन के पेड़ लगाए जा रहे हैं. इसके साथ ही पूरे रिवर फ्रंट पर नक्षत्र वाटिका बनाई जा रही है.

राजधानी दिल्ली (Capital Delhi) में बहुत जल्द ही आपको बेहतर रिवर फ्रंट (River Front) का नजारा देखने को मिलेगा. उत्तरी दिल्ली के मुनक नहर पर यह रिवर फ्रंट बनाया जा रहा है. उत्तरी दिल्ली नगर निगम की पूर्व मेयर प्रीति अग्रवाल ने टीवी9 भारतवर्ष से बातचीत में बताया कि गुजरात के साबरमती नदी पर जिस तरह का रिवर फ्रंट बनाया गया है उसी तरह का मुनक नहर पर भी रिवर फ्रंट बनाया जा रहा है. अगले दो महीने में रोहिणी के वार्ड-57 के हिस्से में आना वाला फ्रंट बनकर तैयार हो जाएगा.

रिवर फ्रंट को विकसित करने के लिए बकायादा जेसीबी का इस्तेमाल किया गया. एनडीएमसी की पूर्व मेयर ने खुद जेसीबी मशीन पर चढ़कर साफ-सफाई के काम का जायजा लिया. प्रीति अग्रवाल ने कहा कि साफ-सफाई के काम के लिए एरिगेशन डिपार्टमेंट और वर्क्स डिपार्मेंट की मदद ली जा रही है. साफ-सफाई के बाद यहां पर नए घास लगाने का काम शुरू होगा.

रिवर फ्रंट के किनारे पंचवटी

प्रीति अग्रवाल ने बताया कि इस मुनक नहर के किनारे पंचवटी का निर्माण किया जा रहा है. इसमें चंदन, आंवला, रुद्राक्ष, नीम, पीपल और अर्जुन के पेड़ लगाए जा रहे हैं. इसके साथ ही पूरे रिवर फ्रंट पर नक्षत्र वाटिका बनाई जा रही है.

मेडिटेशन और योगा के लिए बेहतर जगह

प्रीति अग्रवाल ने बताया कि इस पूरे प्रोजेक्ट को खास तौर पर ग्रीन प्रोजेक्च के तौर पर विकसित किया जा रहा है. नहर के किनारे योगा और मेडिजेशन को ध्यान में रखते हुए ही विकसित किया जा रहा है. इसकी वजह से कम से कम कंक्रीट और ज्यादा से ज्यादा घास का इस्तेमाल किया जा रहा है. इससे सुबह शाम यहां पर लोग योगा और मेडिटेशन कर सकेंगे.

दुधिया रौशनी का खास इंतजाम

शाम के वक्त काफी संख्या में लोग समय बिताने के लिए मुनक नहर के किनारे आते हैं. प्रीति अग्रवाल ने बताया कि सीएसआर के तहत हमने यह तय किया है कि यहां पर फैन्सी लाइट लगाई जाएगी. आगे चलकर लाइट और साउंड सिस्टम लगाया जाएगा जिससे कि लोग पूरी तरह से इस फ्रंट का आनंद ले सकें.

मुनक नहर के बारे में…

मुनक नहर हरियाणा के करनाल जिले में मुनक गांव से शुरू होकर उत्तरी दिल्ली के हैदरपुर तक आता है. हरियाणा और दिल्ली के बीच इसकी कुल लम्बाई 102 किलोमीटर है. दिल्ली में हैदरपुर वाटर ट्रीटमेंट प्लांट में मुनक नहर से ही पानी आता है. मुनक नहर में यमुना नदी से पानी आता है. यह पानी खुबरू और मंडोला बराज में संचित होकर आता है. मुनक नहर का निर्माण हरियाणा और दिल्ली के बीच 1996 में हुए समझौते के बाद शुरू किया गया था.

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