नवीन पटनायक 5वीं बार बने ओडिशा के CM, लगातार 19 साल से संभाले हैं राज्‍य की कमान

ओडिशा की 147 सदस्यों वाली विधानसभा में 112 सीटें जीतने वाली बीजद राज्य में साल 2000 से सत्तारूढ़ है.
नवीन पटनायक, नवीन पटनायक 5वीं बार बने ओडिशा के CM, लगातार 19 साल से संभाले हैं राज्‍य की कमान

नई दिल्‍ली: ओडिशा में हाल ही में लोकसभा चुनावों के साथ संपन्न विधानसभा चुनावों में निर्णायक बढ़त बनाने के बाद नवीन पटनायक ने बुधवार को मुख्यमंत्री पद की शपथ ली. भुवनेश्वर के एक्जिबिशन ग्राउंड में आयोजित समारोह में पटनायक और उनकी टीम ने पद की शपथ ली.

बीजू जनता दल (बीजद) के अध्यक्ष पटनायक (72) ओडिशा के सबसे लंबे समय तक मुख्यमंत्री रहने वाले नेताओं में से एक बन गए हैं. पटनायक  सबसे लंबे समय तक ओडिशा के मुख्यमंत्री रहे हैं.

ये है पटनायक सरकार के मंत्री

सरकार के 11 कैबिनेट मंत्रियों और नौ राज्य मंत्रियों समेत कुल 20 मंत्रियों ने भी पद एवं गोपनीयता की शपथ ली. रानेंद्र प्रताप सवाईं, बीकराम केशरी अरुख, प्रफुल्ल कुमार मलिक, निरंजन पुजारी, पद्मनाभ बेहेरा, प्रताप जेना, अरुण कुमार साहू, सुदम मरांडी, सुशांत सिंह, नब किशोर दास और तुकुनी साहू कैबिनेट मंत्री बनाए गए हैं.

अशोक चंद्र पंडा, समीर रंजन दास, ज्योति प्रकाश पाणिग्रही, दिव्या शंकर मिश्रा, प्रेमानंद नायक, रघुनंदन दास, पद्मिनी दियां, तुशारकांतिबेहेरा और जगन्नाथ सराका राज्य मंत्री हैं.

पटनायक के शपथ लेने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट कर उन्‍हें बधाई दी. उन्‍होंने केंद्र की तरफ से ओडिशा सरकार को पूरे सहयोग का आश्‍वासन दिया. शपथ ग्रहण समारोह में मोदी को आमंत्रित भी किया गया था.

पिछले दो दशकों में पहली बार पटनाटक ने शपथ ग्रहण समारोह खुले आसमान के नीचे कराया. कार्यक्रम में उद्योग, कला, संस्कृति, शिक्षा और सिविल सोसाइटी जैसे विभिन्न क्षेत्रों के कुछ प्रमुख गणमान्य नागरिक मौजूद थे. पटनायक की बड़ी बहन और प्रसिद्ध लेखिका गीता मेहता और भाई प्रेम नायक भी कार्यक्रम में उपस्थित थे.

अपने 19 साल के शासन में पटनायक ने विभिन्न कारणों से लगभग 50 नेताओं को पार्टी से बाहर का रास्ता दिखाया है. जनहितकारी नीतियों के साथ उनकी इस छवि ने उन्हें लगभग दो दशकों से सत्ता में वापसी कराने में मदद की है. उन्होंने कई लोकप्रिय योजनाएं चलाईं, जिनके कारण उन्हें समाज के हर वर्ग का वोट मिला.

बीजद ने 147 सदस्यीय विधानसभा में 112 सीटें जीती है. भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) 23 सीटें जीतर कर मुख्य विपक्षी पार्टी बन गई है. जबकि कांग्रेस मात्र नौ सीटें ही जीत पाई है.

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