एनडीए सरकार के दूसरे कार्यकाल में अत्याचार, अव्यवस्था और अराजकता, कांग्रेस ने साधा निशाना

मुद्रा योजना पूरी तरह विफल रही है. इसमें दिए गए ऋणों में से मात्र 10% ऋण ही नए रोजगार पैदा करने में सफल हो पाए हैं, जबकि 90% ऋण विफल रहे हैं.

नई दिल्ली: एनडीए (राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन) सरकार के दूसरे कार्यकाल के 100 दिन पूरे होने से पहले उनके कार्यों की समीक्षा करते हुए कांग्रेस ने बीजेपी (भारतीय जनता पार्टी) पर जमकर निशाना साधा. कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता मनीष तिवारी ने देश की अर्थव्यवस्था समेत कई मुद्दों को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि बीजेपी-एनडीए सरकार के दूसरे कार्यकाल को 96 दिन बीत चुके हैं. लेकिन उनके इस कार्यकाल को तीन बातों ने ख़ासा प्रभावित किया है- अत्याचार, अव्यवस्था और अराजकता.

देश की अर्थव्यवस्था को लेकर केंद्र सरकार पर हमला बोलते हुए मनीष तिवारी ने कहा आज आर्थिक विकास 5% पर है, लेकिन सिर्फ ये 5% ही चिंता का कारण नहीं है. आज भारतीय अर्थव्यवस्था के मूल सिद्धांतों को विकृत किया जा रहा है.

पीएम का कहना है कि भारतीय अर्थव्यवस्था के मूल तत्व मजबूत हैं, गृह मंत्री ने भी इसे दोहराया. लेकिन क्या कभी किसी ने वास्तव में सवाल किया है कि भारतीय अर्थव्यवस्था के मूल सिद्धांतों के संदर्भ में इसका क्या मतलब है.

चीन के विपरीत, भारत अनिवार्य रूप से एक निजी अर्थव्यवस्था है और सरकार के व्यय एवं निवेश को छोड़कर भारतीय अर्थव्यवस्था में लोगों या निवेशकों का कोई विश्वास नहीं है.

यही कारण है कि हमारी जीडीपी में कृषि का हिस्सा 14% के निम्न स्तर तक गिर गया है. कृषि जो भारत के 65% लोगों को रोजगार और जीविका प्रदान करती है.

मुद्रा योजना पूरी तरह विफल रही है. इसमें दिए गए ऋणों में से मात्र 10% ऋण ही नए रोजगार पैदा करने में सफल हो पाए हैं, जबकि 90% ऋण विफल रहे हैं.

विनिर्माण क्षेत्र में मांग नहीं होने के कारण देश के महत्वपूर्ण उद्योग मात्र 2.1% की दर से बढ़ रहे हैं. ग्रामीण भारत में लोगों के पास पार्ले जी का एक पैकेट खरीदने के लिए 5 रूपये का अधिशेष भी नहीं है. लोगों के पास कोई आय उपलब्ध नहीं है.