करीब 10 लाख ICU बेड उपलब्ध, हम किसी भी परिस्थिति से निपटने के लिए तैयार: हर्षवर्धन

केंद्रीय मंत्री ने बताया कि अभी देश में करीब 1 लाख 30 हजार मामले हैं और उनमें से लगभग 55 हजार मरीज ठीक होकर अपने घर चले गए हैं और बाकी जो मरीज हैं वो भी जल्दी ही ठीक होकर अपने घर चले जाएंगे.

Harsh Vardhan in press conference, करीब 10 लाख ICU बेड उपलब्ध, हम किसी भी परिस्थिति से निपटने के लिए तैयार: हर्षवर्धन

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन ने कहा है कि भारत के कोरोना मरीजों का रिकवरी रेट दुनिया में सबसे ज्यादा और सबसे बेहतर है. उन्होंने बताया कि भारत में रिकवरी रेट हर दिन पिछले दिन से बेहतर हो रहा है साथ ही दुनिया में सबसे कम डेथ रेट भी भारत में ही है. केंद्रीय मंत्री ने बताया कि अभी देश में करीब 1 लाख 30 हजार मामले हैं और उनमें से लगभग 55 हजार मरीज ठीक होकर अपने घर चले गए हैं और बाकी जो मरीज हैं वो भी जल्दी ही ठीक होकर अपने घर चले जाएंगे.

देखिए NewsTop9 टीवी 9 भारतवर्ष पर रोज सुबह शाम 7 बजे

हर्षवर्धन ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि भारत पिछले कई वर्षों में कई तरह के वायरस से निपट चुका है. पिछले दो वर्षों में नेपा वायरस, जीका वायरस, इबोला वायरस, स्वाइन फ्लू वायरस कई सारे वायरस बीच-बीच में आते रहे हैं और इसी प्रकार से उनकी शुरुआत किसी दूसरे देश में होती थी. उन्होंने बताया कि इबोला वायरस को भारत में हमने प्रवेश नहीं करने दिया, जबकि नेपा वायरस को केरल में ही सीमित कर दिया गया. उन्होंने आगे कहा कि इन्हीं पुराने अनुभवों के आधार पर हमने अपनी तैयारी शुरू की.

लॉकडाउन एकदम ठीक समय पर लाया गया

स्वास्थ्य मंत्री ने बताया, “देश में 30 जनवरी को कोरोनावायरस का पहला मामला आया. शुरुआती दौर में हमनें एक-एक केस का डिटेल्ड कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग किया और शुरुआत में ही 162 लोगों को हमनें कॉन्टैक्ट किया. कोरोनावायरस को रोकने के लिए इस लेवल से स्वास्थ्य मंत्रालय ने शुरुआत से ही ट्रेसिंग की.” उन्होंने बताया कि शुरुआत में सब कंट्रोल में था लेकिन मार्च के दूसरे हफ्ते में दिल्ली में कुछ दुर्भाग्यपूर्ण घटना हुई जिसके कारण दिल्ली से ये संक्रमण पूरे देश में फैल गया.

लॉकडाउन को लेकर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि लॉकडाउन भारत में एकदम ठीक समय पर बोल्ड डिसिजन के साथ लगाया गया था. दुनिया के कई विकसित देशों ने इस फैसले को लेने में बहुत सोच विचार किया. जब वहां स्थिति नियंत्रण के बाहर गई तो उन देशों ने लॉकडाउन का निर्णय लिया. उन्होंने बताया कि लॉकडाउन के पहले भारत में डबलिंग रेट 3-4 दिन था, लेकिन आज देश में डब्लिंग रेट करीब 13 दिन है.

करीब 10 लाख बेड उपलब्ध हैं

कोरोनावायरस के संक्रमण को रोकने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों की सराहना करते हुए हर्षवर्धन ने कहा, ”पीएम मोदी ने हमें निर्देश दिया था कि विषम से विषम परिस्थिति भी आए तो अपनी पूरी तैयारी रखिए. हमने विशिष्ट कोरोना अस्पताल बनाए, ताकि अन्य मरीजों को को संक्रमण न फैले. आज देश में 968 विशिष्ट कोरोना अस्पताल हैं. 2.5 लाख के आस पास ICU और आइसोलेशन बेड हैं.”

उन्होंने आगे कहा, ”कोविड के डेडिकेटेड हेल्थ सेंटर की संख्या 2065 हैं. इसमें भी करीब 1.77 लाख बेड उपल्बध हैं. हमने 7063 कोविड केयर सेंटर विकसित किए हैं. इसमें करीब 6.5 लाख बेड उपल्ब्ध हैं. इस सबको अगर जोड़े तो ये करीब 10 लाख बेड होते हैं.’

Related Posts