22 साल की उम्र में मिली थी SPG सुरक्षा, लगता था जैसे मैं ही PM हूं: नीरज शेखर

नीरज शेखर ने कहा कि 'जब मैं 22 साल का था तो एसीपीजी मिली थी. हमें 11 साल सुरक्षा मिली थी.'

केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने राज्यसभा में आज एसपीजी (संशोधन) बिल 2019 पेश किया. कांग्रेस ने इस बिल पर कड़ा विरोध जताया और सदन से वॉक आउट कर दिया. हालांकि, यह बिल राज्यसभा में पास हो गया.

बिल पर चर्चा के दौरान बीजेपी सांसद नीरज शेखर ने एसीपीजी को लेकर अपनी बात रखी. उन्होंने कहा कि जब मैं 22 साल का था तो एसीपीजी मिली थी. हमें 11 साल सुरक्षा मिली थी. मेरे आगे-पीछे 4 गाड़ियां रहती थीं. लोग मुझसे ऑटोग्राफ लेते थे. मुझे लगता था कि मैं ही प्रधानमंत्री हूं. 21-22 साल की उम्र में मैं कुछ नहीं था.

नीरज शेखर ने कहा, “मेरा मानना है कि ऐसा संगठन होना चाहिए जो सिर्फ पीएम को सुरक्षा दे. पूर्व पीएम के लिए एक अलग सुरक्षा संगठन हो. 1991 में जो संशोधन हुआ उससे मुझे सुरक्षा मिली. मुझे अच्छा लगता था.”

उन्होंने कहा कि आज का नौजवान वीआईपी कल्चर को पसंद नहीं करता है. अगर प्रियंका गांधी की सुरक्षा में सेंध हुई तो इसकी जांच हो और सुरक्षा बढ़े, लेकिन सिर्फ एसपीजी क्यों.1988 का जो एक्ट था वही होना चाहिए. सिर्फ पीएम को ये सुरक्षा होनी चाहिए.

मालूम हो कि नीरज शेखर पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर के बेटे हैं. वहीं, गृहमंत्री अमित शाह ने SPG सुरक्षा हटाए जाने को लेकर जवाब दिया. शाह ने कहा कि 25 नवंबर को प्रियंका वाड्रा जी के घर एक घटना हुई. प्रियंका के घर जो सुरक्षा है, इसमें राहुल गांधी, रॉबर्ट वाड्रा सुरक्षा जांच के बिना अंदर आते हैं. प्रियंका के घर पर परिवार के लोगों की जांच नहीं होती.

उन्होंने कहा कि सुरक्षाकर्मियों के पास एक सूचना आई कि राहुल गांधी एक काली सफारी में आने वाले हैं. ठीक उसी समय एक काली सफारी गाड़ी आई और उसमें मेरठ की कांग्रेस नेता शारदा त्यागी मौजूद थीं.

गृह मंत्री ने कहा कि ‘चूंकि समय भी वही था. यह महज इत्तेफाक था. इसलिए शारदा त्यागी बिना सिक्यॉरिटी जांच के अंदर चली गईं. इसके बावजूद हमने इस मामले की उच्च स्तरीय जांच का आदेश दिया है और मामले में संबंधित 3 अधिकारियों को निलंबित कर दिया है.’

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