कालापानी के इलाकों में जनगणना कराने की तैयारी में नेपाल, भारत ने कहा- नहीं मिलेगी अनुमति

नेपाल ने भारत के लिपुलेख, (lipulekh) कालापानी (Kalapani) और लिंपियाधुरा (Limpiyadhura) को अपनी सीमा में दिखाया.नेपाल की इस हरकत पर भारत ने कड़ा विरोध किया.

नेपाल के प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली
नेपाल के प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली

पड़ोसी देश नेपाल (Nepal) एक बार फिर भारत के साथ रिश्तों में खटास पैदा करने की कोशिश कर रहा है. कुछ वक्त पहले भी नेपाल की ओली (pm kp sharma oli) सरकार ने एक विवादित नक्शा जारी किया था. इस नक्शे में नेपाल ने भारत के लिपुलेख, (lipulekh) कालापानी (Kalapani) और लिंपियाधुरा (Limpiyadhura) को अपनी सीमा में दिखाया.नेपाल की इस हरकत पर भारत ने कड़ा विरोध किया.

ऑनलाइन मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक अब नेपाल इन्हीं क्षेत्रों में अगले साल मई से जनगणना (nepal census survey) कराने की योजना बना रहा है. हालांकि नेपाल की सरकारी एजेंसियों को भारत के विरोध का डर भी सता रहा है.

नेपाल के राष्ट्रीय योजना आयोग और केंद्रीय सांख्यिकी ब्यूरो के अधिकारियों का दावा है कि ये तीनों क्षेत्र उसके देश के अंग हैं. अधिकारियों का कहना है कि अगले साल होने वाली जनगणना इन क्षेत्रों में भी की जाएगी. अधिकारियों का आरोप है कि भारत ने इन तीनों क्षेत्रों पर जबरदस्ती कब्जा किया हुआ है.

नेपाली अधिकारियों को प्रवेश की अनुमति नहीं देगा भारत 

वहीं, सर्वेक्षण विभाग के कानूनविदों,और पूर्व डॉयरेक्टर जनरलों का कहना है कि नेपाल के लिए ऐसा सर्वेक्षण कराना असंभव है, क्योंकि भारत कभी भी उन हिस्सों में नेपाली अधिकारियों को प्रवेश करने की अनुमति नहीं देगा.

नेपाल योजना आयोग के एक के सदस्य ने काठमांडू पोस्ट से बातचीत में दावा किया कि हम कालापानी, लिपुलेख और लिंपियाधुरा में निश्चित रूप से जनगणना करेंगे. हम इस बात पर चर्चा कर रहे हैं कि जनगणना का संचालन किस तरह से किया जा सकता है. डोर-टू-डोर गिनती संभव नहीं होने की स्थिति में अधिकारी विकल्पों पर भी चर्चा कर रहे हैं.

नेपाल की जनगणना में भाग लेने का सवाल ही नहीं

वहीं दूसरी ओर क्षेत्र के ग्रामीणों ने कहा कि “नेपाल द्वारा आयोजित किसी भी जनगणना अभ्यास में भाग लेने का कोई सवाल ही नहीं है. बुधई गांव निवासी महेंद्र बुधियाल ने कहा कि हम भारत के नागरिक हैं. हमें नेपाली सरकार द्वारा आयोजित जनगणना में भाग क्यों लेना चाहिए?”

नेपाल सीमा से लगे पिथौरागढ़ जिला प्रशासन के अधिकारियों का कहना है कि उन्हें नेपाली सरकार के ऐसे किसी भी कदम की जानकारी नहीं है. जिला प्रशासन के एक अधिकारी ने कहा, “अगर नेपाल की इस तरह की कोई योजना है, तो यह कभी भी सफल नहीं हो सकती क्योंकि किसी भी नेपाली टीम को इस तरह के अभ्यास के लिए क्षेत्र में प्रवेश करने की अनुमति नहीं दी जाएगी.”

नेपाल में हर 10 साल पर होती है जनगणना

बता दें कि नेपाल में भी भारत की तरह ही हर 10 साल में जनगणना होती है. अगले साल मई में शुरू होने वाले इस देशव्यापी जनगणना सर्वेक्षण को नेपाल की राष्ट्रीय योजना आयोग और उसके केंद्रीय सांख्यिकी ब्यूरो मिलकर आयोजित करेगी. इस सर्वे में नेपाल 40,000 से अधिक जनगणना अधिकारी और 9,000 पर्यवेक्षकों की तैनाती की जाएगी.

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