नेपाल के PM ओली ने प्रधानमंत्री को दीं स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं , 4 महीने में पहला संपर्क

विदेश मंत्रालय के एक बयान में कहा गया है कि PM ओली ने अपने 74 वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर सरकार और भारत के लोगों को शुभकामनाएं दीं.
Nepal PM Oli, नेपाल के PM ओली ने प्रधानमंत्री को दीं स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं , 4 महीने में पहला संपर्क

देश आज 74वां स्वतंत्रता दिवस (Independence Day 2020) मना रहा है, ऐसे में चीन-नेपाल-ऑस्ट्रेलिया और अमेरिका ने भारतीयों और पीएम नरेंद्र मोदी (PM Modi) के लिए शुभकामनाएं भेजी हैं. नेपाल के प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली (KP Sharma Oli) ने शनिवार को प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी से शनिवार को बातचीत की. ये पहला मौका था जब भारत के 74 वें स्वतंत्रता दिवस पर चार महीनों में दोनों नेताओं के बीच सीधा संपर्क हुआ.

ओली ने दी स्वतंत्रता दिवस की बधाई 

विदेश मंत्रालय के एक बयान में कहा गया है कि पीएम ओली ने अपने 74 वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर सरकार और भारत के लोगों को शुभकामनाएं दीं. उन्होंने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के गैर-स्थायी सदस्य के रूप में भारत के हालिया चुनाव के लिए भी बधाई दी. बयान में कहा गया, “नेताओं ने दोनों देशों में कोविड-19 महामारी के प्रभाव को कम करने के लिए किए जा रहे प्रयासों के संदर्भ में आपसी एकजुटता व्यक्त की.”

इससे पहले अप्रैल में हुई थी बातचीत 

प्रधानमंत्री मोदी ने महामारी से निपटने के लिए नेपाल को भारत के निरंतर समर्थन की पेशकश की और भारत और नेपाल की साझा सभ्यता और सांस्कृतिक संबंधों को याद किया. दोनों प्रधानमंत्रियों ने आखिरी बार 10 अप्रैल को बातचीत की थी, जिसमें एक बातचीत कोरोना के चलते किए गए लॉकडाउन और सीमा के दोनों किनारों पर लोगों द्वारा सामना की जा रही समस्याओं पर केंद्रित थी.

अगले हफ्ते काठमांडू को मिलनी हैं परियोजनाएं 

पीएम ओली का फोन भारत-नेपाल निकाय की बैठक से कुछ दिन पहले आया है, जो नई दिल्ली द्वारा वित्तपोषित विकास परियोजनाओं के कार्यान्वयन की देखरेख करते हैं. ये परियोजनाएं अगले हफ्ते काठमांडू में मिलने वाली हैं. भारत नेपाल के बीच हुए नक्शे के विवाद के बाद भारतीय राजदूत विनय मोहन क्वात्रा और नेपाल के विदेश सचिव शंकर दास बैरागी के बीच यह बैठक भी दोनों पक्षों के बीच पहली है.

बता दें भारत ने नेपाल के एक नए नक्शे को जारी करने के फैसले की तीव्र आलोचना की है. इसे अस्थिर बताया गया है, जो ऐतिहासिक तथ्यों या सबूतों पर आधारित नहीं है. इस साल जून में नेपाल ने नए नक्शे को शामिल करने के लिए एक संशोधन को मंजूरी दी थी.

हालांकि, भारतीय अधिकारियों ने यह स्पष्ट कर दिया था कि नई दिल्ली सीमा-रेखा के कारण नेपाल को दी जाने वाली सहायता पर वापस नहीं आएगी और दोनों देशों के बीच लोगों से लोगों के संबंधों को गहरा करने पर ध्यान केंद्रित करेगी. यह इस संदर्भ में था कि भारतीय सेना ने इस महीने की शुरुआत में नेपाली सेना को 10 वेंटिलेटर दिए थे.

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