अब ताज की तरह मस्तक पर सजेगा राष्ट्रीय चिन्ह! संसद की नई बिल्डिंग के डिजाइन में अहम बदलाव

देश की नई संसद बिल्डिंग (New Parliament Building) से जुड़ी नई जानकारी सामने आई है. पता चला है कि शीर्ष पर पहले जहां कुछ मीनारों की आकृति बनने की बात थी वहां अब देश का गौरव यानी राष्ट्रीय चिन्ह (अशोक स्तम्भ) दिखेगा.
New Parliament Building, अब ताज की तरह मस्तक पर सजेगा राष्ट्रीय चिन्ह! संसद की नई बिल्डिंग के डिजाइन में अहम बदलाव

देश की नई संसद बिल्डिंग (New Parliament Building) से जुड़ी नई जानकारी सामने आई है. पता चला है कि शीर्ष पर पहले जहां कुछ मीनारों की आकृति बनने की बात थी वहां अब देश का गौरव यानी राष्ट्रीय चिन्ह (अशोक स्तम्भ) दिखेगा. नई संसद बिल्डिंग का काम इस मानसून सत्र के बाद शुरू हो सकता है. बता दें कि मौजूदा संसद के सामने ही नई संसद का निर्माण होगा.

हिंदुस्तान टाइम्स की खबर के मुताबिक, शहरी विकास मंत्रालय ने अब इस डिजाइन (New Parliament Building) को फाइनल कर दिया है. बता दें कि संसद की नई बिल्डिंग बनाने का काम एचसीपी डिजाइन प्लानिंग एंड मैनेजमेंट प्राइवेट लिमिटेड को सौंपा गया है,

अशोक चिन्ह से बढ़ेगा संसद का गौरव

अशोक चिह्न भारत का राजकीय प्रतीक है. इसको सारनाथ में मिली अशोक लाट से लिया गया है. इसमें चार शेर हैं जो चारों दिशाओं की ओर मुंह किए खड़े हैं. इसके नीचे एक गोल आधार है जिस पर एक हाथी के एक दौड़ता घोड़ा, एक सांड़ और एक सिंह बने हैं. ये गोलाकार आधार खिले हुए उल्टे लटके कमल के रूप में है. हर पशु के बीच में एक धर्म चक्र बना हुआ है. राष्‍ट्र के प्रतीक में जिसे 26 जनवरी 1950 में भारत सरकार द्वारा अपनाया गया था. प्रतीक के नीचे सत्यमेव जयते देवनागरी लिपि में अंकित है। शब्‍द सत्‍यमेव जयते शब्द मुंडकोपनिषद से लिए गए हैं, जिसका अर्थ है केवल सच्‍चाई की विजय होती है.

नई संसद में क्या कुछ खास

नई संसद 60,000 स्कॉयर मीटर इलाके में बनेगी. इसे प्लॉट नंबर 118 में बनाया जाएगा जहां फिलहाल अस्थाई ढांचे हैं. मास्टर प्लान के मुताबिक मौजूदा गोलाकार संसद भवन के सामने गांधीजी की प्रतिमा के पीछे नया तिकोना संसद भवन बनेगा. नए संसद भवन में दोनों सदनों लोकसभा और राज्यसभा के लिए एक-एक इमारत होगी, लेकिन सेंट्रल हॉल नहीं बनेगा.

लोकसभा की नई इमारत में सदन के अंदर 900 सीटें होंगी, ऐसा इसलिए किया जा रहा है, ताकि भविष्य में लोकसभा में सीटें बढ़ती हैं तो दिक्कत न हो. राज्यसभा की नई इमारत में 400 सीटें होंगी. देश की विविधता दर्शाने के लिए संसद भवन की एक भी खिड़की किसी दूसरी खिड़की से मेल खाने वाली नहीं होगा. हर खिड़की अलग आकार और अंदाज की होगी.

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