सांसदों पर सख्ती के मूड में लोकसभा स्पीकर ओम बिड़ला, रखेंगे रोज के व्यवहार का हिसाब

लोकसभा की वेबसाइट पर नया कॉलम जोड़ा गया है जिसमें सांसदों के रोज की परफारमेंस के आधार पर लिस्ट रहेगी.

लोकसभा स्पीकर ओम बिड़ला सांसदों का व्यवहार सुधारने और गलती होने पर नकेल कसने के मूड में पूरी तरह आ चुके हैं. इसके लिए उन्होंने अच्छे व्यवहार पर पुरस्कार और गलतियों पर दंड देने की योजना बना ली है. अब उन्होंने लोकसभा की वेबसाइट पर सांसदों के रोजमर्रा के व्यवहार और उनके प्रदर्शन का रिकॉर्ड रखने का काम शुरू किया है.

लोकसभा की वेबसाइट पर अब एक नया कॉलम दिख रहा है जिसमें 21 नवंबर के बाद किन सांसदों ने 377 के तहत मामले उठाए, शून्यकाल में जनता से जुड़े प्रश्न उठाए, और जिन्होंने बहस में हिस्सा लिया, उन सबकी लिस्ट रखी गई है. ये लोकसभा के इतिहास में एक तरह से नया रिकॉर्ड है.

ओम बिड़ला लोकसभा अध्यक्ष बनने के बाद से ही नए रिकॉर्ड सेट करने में लगे रहे हैं. उनका एक रिकॉर्ड तब टूटा जब लोकसभा में कुछ सांसदों ने बैनर लहराए. तब स्पीकर ने संसद की कार्रवाई स्थगित कर दी थी. इससे पहले ओम बिड़ला के कार्यकाल में ये नहीं हुआ था.

सांसदों के प्रश्नों की गुणवत्ता को लेकर भी बिड़ला ने हिदायत दी है. दरअसल सोमवार को प्रश्नकाल में एक सांसद ने केंद्र से मध्य प्रदेश के झाबुआ और रतलाम क्षेत्र के तीन मंदिरों में नल लगवाने, सड़क और गेस्ट हाउस बनवाने की डिमांड रख दी. बिड़ला इस पर नाराज हो गए और उन्होंने हिदायत दी कि प्रश्नों की गुणवत्ता सुधारें. राज्य के विषय केंद्र द्वारा नहीं देखे जाते हैं.

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