इस चीज के इस्तेमाल से हो सकता है कोरोना से बचाव ! जानें- क्या कहती है नई स्टडी

स्टडी (Study) में सभी कारकों पर विचार करने के बाद यह पाया गया कि हर यूनिट रक्त के स्तर में जिंक (Zinc) के लेवल में बढ़ोत्तरी अस्पताल में मरने वालों की तुलना में रोग से लड़ रहे लोगों में मौत के जोखिम को सात प्रतिशत कम कर देती है.

  • TV9 Hindi
  • Publish Date - 9:21 am, Fri, 25 September 20

दुनियाभर में कोरोनावायरस (Corona Virus) फ्लू की तरह फैल रहा है. इसके लक्षण फ्लू जैसे, लेकिन बहुत गंभीर हैं. अक्सर लोग कोरोना संक्रमण को ठीक करने के लिए कई गोलियां ले रहे हैं, क्योंकि उनमें वायरल संक्रमण से उबरने के लिए जरूरी एंटीवायरल मौजूद है. सवाल यह है कि क्या जिंक लोगों के इम्यून सिस्टम को मजबूत करने और कोरोनावायरस संक्रमण से उबरने में मददगार साबित हो सकता एक स्टडी (Study) में इसके बारे में कुछ खुलासे किए गए हैं.

ऑनलाइन यूरोपियन सम्मेलन में जारी एक स्टडी (Study) में यह सामने आया है कि कोरोना संक्रमित लोगों की खराब स्वास्थ्य स्थिति और जिंक (Zinc) के लोअर ब्लड लेवल के बीच कुछ कड़ी देखी गई है. यह स्टडी स्पेन के डॉक्टर रॉबर्टो फर्नांडीज ने मार्च के मध्य से अप्रैल के अंत तक अस्पताल में भर्ती लोगों पर की है. स्टडी के दौरान महिलाओं और पुरुषों के तेज जिंक स्तर को लिया गया. स्टडी के लिए अन्य चिकित्सा डेटा और पहले से मौजूद स्थितियों को भी ध्यान में रखा गया था.

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शरीर में जिंक के बढ़े स्तर से कम कोरोना का खतरा-स्टडी

शोधकर्ताओं (Researchers) की टीम ने 21 मरे हुए रोगियों समेत 249 रोगियों के नमूने पर फोकस किया, मरने वालों की तुलना में जीवित लोगों में जिंक (Zinc) का स्तर बहुत ज्यादा पाया गया, जो कि, 63.1 और 43 माइक्रोग्राम प्रति डेसीलीटर तक था. सभी कारकों पर विचार करने के बाद यह पाया गया कि हर यूनिट रक्त के स्तर में जिंक के लेवल में बढ़ोत्तरी अस्पताल में मरने वालों की तुलना में रोग से लड़ रहे लोगों में जोखिम को सात प्रतिशत कम कर देती है. स्टडी में सामने आया है कि अस्पताल में भर्ती होने के दौरान संक्रमित मरीजों में ज्यादा सूजन के साथ जिंक का स्तर काफी कम पाया गया.

किसी भी नतीजे के लिए ज्यादा रिसर्च की जरूरत

स्टडी (Study) से यह भी पता चला है कि जिंक का कम स्तर रोगियों में मृत्यु के जोखिम को बढ़ा देता है, इससे यह साबित नहीं होता है कि व्यक्ति दूसरे का संचालन कर सकता है. यह स्टडी सिर्फ बीमारी और पोषक तत्व के बीच एक सहयोग को दिखाता है. हालांकि किसी भी नतीजे पर पहुंचने से पहले यह ध्यान रखना होगा कि यह स्टडी रोगियों के एक छोटे समूह पर ही की गई है. विशेषज्ञों का मानना है कि निर्णायक नतीजे पर पहुंचने के लिए और ज्यादा रिसर्च की जरूरत है.ॉ

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जिंक के स्तर को बढ़ाकर ठीक हुए सात कोरोना मरीज

बतादें कि हाल ही में एक ऐसा मामला सामने आया है, जहां एक डॉक्टर (Doctor) ने रोगी में जिंक के स्तर को बढ़ाकर कोरोना संक्रमण को ठीक किया है. केरल के डॉक्टर पीपी देवन जिंक से कोरोना मरीजों के इलाज के लिए काफी फेमस हो रहे हैं. डॉक्टर के मुताबिक शरीर में जिंक का स्तर अगर ठीक रहे, तो इन्फेक्शन और वायरस शरीर पर कोई असर नहीं कर सकता. डॉक्टर देवन जिंक और गर्म पानी से अबतक सात कोरोना मरीजों को ठीक कर चुके हैं. 30 साल से खांसी-जुकाम का इलाज कर रहे डॉक्टर देवन का कोरोना इलाज के यह तरीका पिछले दिनों सोशल मीडिया पर खूब चर्चा में रहा था. तादें कि सामान्य सर्दी-जुकाम और कोरोना महामारी एक ही परिवार के वायरस की वजह से फैलते हैं,