क्या भीषण आग की लपटों से धधक रहे हैं उत्तराखंड के जंगल? मुख्यमंत्री ने खुद बताई सच्चाई

सोशल मीडिया (Social Media) पर कहा जा रहा है कि इस आग से दो लोगों की जान गई है और कई जानवरों की मौत हुई है. लोग तस्वीरें पोस्ट कर दावा कर रहे हैं कि पिछले चार दिनों से उत्तराखंड के जंगल आग में जल रहे हैं, लेकिन कोई इसकी सुध लेने वाला नहीं है.
forests Uttarakhand viral, क्या भीषण आग की लपटों से धधक रहे हैं उत्तराखंड के जंगल? मुख्यमंत्री ने खुद बताई सच्चाई

उत्तराखंड (Uttarakhand) के जंगलों में भीषण आग (Fire) लगने की खबरें सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं. ट्विटर और फेसबुक पर ऐसी कई तस्वीरें शेयर की जा रही हैं जिन्हें उत्तराखंड के जंगलों में लगी आग का बताया जा रहा है. ऐसा दावा किया जा रहा है कि आग लगने के कारण उत्तराखंड के जंगल की 71 हेक्टेयर जमीन पूरी तरह से बर्बाद हो गई है.

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इतना ही नहीं सोशल मीडिया पर यह भी कहा जा रहा है कि इस आग से दो लोगों की जान गई है और कई जानवरों की मौत हुई है. लोग तस्वीरें पोस्ट कर दावा कर रहे हैं कि पिछले चार दिनों से उत्तराखंड के जंगल आग में जल रहे हैं, लेकिन कोई इसकी सुध लेने वाला नहीं है.

‘ऐसी अफवाहों पर ध्यान न दें’

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने ट्वीट किया, “चीन और चिली के जंगलों मे साल 2016 और 2019 में लगी आग की पुरानी तस्वीरों के माध्यम से उत्तराखंड के खिलाफ एक भ्रामक और सत्य से परे दुष्प्रचार चल रहा है. कृपया ऐसी अफवाहों पर ध्यान न दें और ऐसी भ्रामक खबरों से सावधान रहें.”

मुख्य वन संरक्षक का बयान

उत्तरांखड वन विभाग के मुख्य वन संरक्षक (मुख्यालय) बीके गांगटे का कहना है कि चीन और चिली में लगी आग की तस्वीरों को उत्तराखंड की तस्वीर बताकर वायरल किया जा रहा है. सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे ज्यादातर फोटो और वीडियो फेक हैं.

उन्होंने बताया कि चीन के जंगलों में मार्च के अंत में आग लगी थी. इस दौरान 18 फायर फाइटर भी मारे गए थे. आग की उस घटना की फोटो को अब उत्तराखंड का बताकर वायरल किया जा रहा है. इसी तरह चिली के जंगलों में आग लगी थी, जिसमें 6 लोग मारे गए थे. उस घटना की फोटो को भी उत्तराखंड का बताकर वायरल किया जा रहा है.

वन विभाग के मुताबिक, 2019 में 25 मई तक 1590 हेक्टेयर जंगल में आग लगी थी. 2020 में 25 मई तक केवल 71.46 हेक्टेयर वन भूमि ही चपेट में आई है. गढ़वाल और कुमाऊं के संरक्षित क्षेत्रों में 26 मई तक कुल 37 घटनाएं सामने आईं. इसमें गढ़वाल मंडल में 12, कुमाऊं मंडल में 15 और वन्यजीव क्षेत्र की 10 घटनाएं हैं.

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