भीमा कोरेगांव मामले में NIA ने दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रोफेसर को किया गिरफ्तार

11 सितंबर, 2019 को पुणे पुलिस ने एल्गर परिषद मामले के सिलसिले में उनके घर की तलाशी ली थी. पुणे पुलिस ने इस मामले में क्रमशः 15 नवंबर, 2018 और 2 फरवरी, 2019 को एक आरोप पत्र और एक पूरक आरोप पत्र दायर किया था.
Bhima Koregaon case, भीमा कोरेगांव मामले में NIA ने दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रोफेसर को किया गिरफ्तार

राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने मंगलवार को बताया है कि उन्होंने भीमा कोरेगांव एल्गर परिषद मामले में दिल्ली विश्वविद्यालय के अंग्रेजी के एक एसोसिएट प्रोफेसर को गिरफ्तार किया है. 54 वर्षीय प्रोफेसर का नाम हनी बाबू मुसालियरवीट्टिल थारियाल है और वो उत्तर प्रदेश के गौतम बुद्ध नगर के निवासी हैं.

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NIA के प्रवक्ता ने कहा कि यह मामला 31 दिसंबर, 2017 को पुणे में शनिवारवाड़ा में कबीर कला मंच द्वारा आयोजित एक एल्गर परिषद के आयोजन के दौरान लोगों को उकसाने और भड़काऊ भाषण देने से संबंधित है. जिसके कारण कई जाति समूहों के बीच दुश्मनी को बढ़ावा दिया गया और ये हिंसा का कारण बना. महाराष्ट्र में हुई इस हिंसा में कई लोगों की मौत हो गई थी.

नक्सल विचारधारा का प्रचार कर रहे थे हनि बाबू?

11 सितंबर, 2019 को पुणे पुलिस ने एल्गर परिषद मामले के सिलसिले में उनके घर की तलाशी ली थी. पुणे पुलिस ने इस मामले में क्रमशः 15 नवंबर, 2018 और 2 फरवरी, 2019 को एक आरोप पत्र और एक पूरक आरोप पत्र दायर किया था. प्रवक्ता ने कहा कि जांच के दौरान NIA ने पाया कि गैरकानूनी गतिविधियों (रोकथाम) अधिनियम के तहत प्रतिबंधित संगठन CPI (माओवादी) के वरिष्ठ नेता एल्गर परिषद के आयोजकों और हनि बाबू के संपर्क में थे, ताकि माओवाद-नक्सलवाद और गैरकानूनी गतिविधियों को प्रोत्साहित कर सकें.

NIA ने इस साल 24 जनवरी को मामले की जांच शुरू की और 14 अप्रैल को दो अन्य आरोपियों – आनंद तेलतुम्बडे और गौतम नवलखा को गिरफ्तार किया था. NIA के प्रवक्ता ने बताया, “आगे की जांच के दौरान, यह पता चला कि आरोपी हनी बाबू नक्सल गतिविधियों और माओवादी विचारधारा का प्रचार कर रहे थे और अन्य गिरफ्तार अभियुक्तों के साथ सह-साजिशकर्ता भी थे.” उन्होंने बताया कि हनि बाबू को बुधवार को NIA की विशेष अदालत के सामने पेश किया जाएगा.

दिल्ली विश्विविद्यालय के शिक्षकों ने जताया विरोध

हालांकि दिल्ली विश्वविद्यालय के शिक्षकों के एक वर्ग और कुछ छात्रों ने NIA द्वारा प्रोफेसर हनी बाबू एमटी की गिरफ्तारी की निंदा की है. न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक मिरांडा हाउस कॉलेज की प्रोफेसर आभा देव हबीब ने गिरफ्तारी को “हैरान” करने वाला बताया. इसी कॉलेज में हनी बाबू की पत्नी जेन्नी रॉवेना भी पढ़ाती हैं.

उन्होंने कहा, ” बाबू ने हाशिए पर पड़े छात्रों की आवाज उठाई और वह लोकतंत्र समर्थक कार्यकर्ता हैं. अगर आप अभी (कोविड-19 महामारी के दौरान) किसी को जेल में डालते हैं तो यह उसे मौत की सजा देने के समान है. हम उनकी रिहाई के लिए प्रदर्शन जारी रखेंगे.” एक प्रोफेसर के मुताबिक, रॉवेना कॉलेज की एक ऑनलाइन बैठक में हिस्सा ले रही थी तभी उनको बाबू की गिरफ्तारी की खबर मिली और वह वहां से रवाना हो गईं.

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