VIDEO: अमित शाह ने संसद में NIA बिल 2019 के समर्थन में की अपील, लोकसभा में मिली मंजूरी

इस संसोधन से NIA को देश के बाहर भारत एवं भारतीयों के खिलाफ होने वाले आतंकी हमलों की जांच के अधिकार मिलेंगे: अमित शाह

नई दिल्ली: सोमवार को लोकसभा में ‘राष्ट्रीय अन्वेषण अधिकरण संशोधन विधेयक 2019′ को मंजूरी मिल गई. इसके मुताबिक राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) भारत से बाहर किसी अनुसूचित अपराधिक मामले का पंजीकरण और जांच का निर्देश दे सकती है.

इस दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा, ‘पोटा को भंग करना उचित नहीं था, ये पूर्व के सुरक्षा बलों के अधिकारियों का भी मानना है. इससे आतंकवाद इतना बढ़ा कि स्थिति काबू में नहीं रही और NIA को लाने का फैसला किया गया.’

केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा, ‘हमें उन विधवाओं और उन परिवारों की भी चिंता है जो आतंकवाद के कारण प्रभावित होते हैं.’

शाह ने बताया कि NIA विशेष कोर्ट को डेजिग्नेट करने से उस कोर्ट के जज के स्थानांतरण आदि के कारण कोर्ट खाली नहीं रहेगी और समय पर केस का निपटारा हो पायेगा. जिस तरह अभी प्रक्रिया चल रही है उस हिसाब से NIA अदालत के जजों की नियुक्ति संबंधित उच्चे न्यासयालय के मुख्यल न्याायाधीश ही करते रहेंगे. आतंकवाद के विषय पर केंद्र सरकार राज्यों के साथ मिलकर काम करेगी. दोनों में तालमेल रहेगा.

NIA ने 272 मामलों में FIR दर्ज कर जांच शुरु की. इनमें 52 मामलों में फैसले आये और 46 में आरोप साबित हुए. 99 मामलों में आरोपपत्र दाखिल हो चुका है. गृह मंत्री ने सदन को बताया कि NIA का रिकॉर्ड 90 परसेंट सफलता का है, जो अंतरराष्ट्रीय स्ततर पर भी उत्कृरष्टृ है.

अमित शाह ने कहा, ‘समझौता ब्लास्ट में कुछ लोगों को पकड़ा गया था, भारत के अलावा अमेरिकन एजेंसियों ने भी कहा कि इन लोगों ने समझौता ब्लास्ट किया किंतु पकड़े गए लोगों को छोड़ा गया उसके बाद दूसरे लोगों को पकड़ा गया. यह पूछा जाना चाहिए था कि जिन्होंने ब्लास्ट किया था उनको क्यों छोड़ा गया और किसके कहने पर छोड़ा गया.’

शाह ने कहा कि, जब आप किसी के खिलाफ उंगली करते हैं तो एक उंगली तो उसके खिलाफ होती है लेकिन चार उगलियां अपनी तरफ इशारा करती हैं.

केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा, ‘आतंकवाद ना तो लेफ्ट होता है ना राइट होता है, केवल आतंकवाद होता है. इसके खिलाफ लड़ने की सरकार, संसद, सभी राजनीतिक दलों की जिम्मेलदारी है. अगर NIA बिल पर संसद बंट गई तो आतंकवादियों का मनोबल बढ़ेगा.’

अमित शाह ने आज सदन में मांग की कि, NIA संशोधन बिल पर डिवीजन होना चाहिए ताकि देश को यह मालूम हो कि कौन आतंकवाद के साथ है और कौन आतंकवाद के खिलाफ.

संसद में बोलते हुए गृह राज्य मंत्री जी किशन रेड्डी ने कहा कि, राज्य की एजेंसियां NIA के साथ मिलकर कार्य करेंगी मगर राज्य सरकार के अधिकारों में हस्तक्षेप नहीं करेगी. उनका कहना था कि आतंकवाद को समाप्त करने के लिये राज्य तथा केंद्र के बीच सामंजस्य होना चाहिये.

श्री रेड्डी ने कहा कि, आतंकवाद का कोई धर्म और जाति नहीं होती, यह मानवता के खिलाफ है. सरकार आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति पर सभी स्टेकहोल्डर्स के साथ मिलकर काम करेगी.