बेंगलुरू: नेशनल इनफॉर्मेटिक्स सेंटर पर साइबर हमला, राष्ट्रीय सुरक्षा पर बड़ा खतरा

एनआईसी (NIC) के कम्प्यूटर्स में भारतीय सुरक्षा, नागरिकों और वीवीआईपी जैसे- प्रधानमंत्री, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार से जुड़ा डेटा मौजूद होता है. बेंगलुरु की एक फर्म से यह साइबर हमला किए जाने की खबर है.

नेशनल इनफॉर्मेटिक्स सेंटर (NIC) के कई कम्प्यूटरों में सेंधमारी का मामला सामने आया है. इस सेंधमारी को राष्ट्रीय सुरक्षा में बड़ी चूक माना जा रहा है. दिल्ली पुलिस (Delhi Police) की स्पेशल सेल ने सितंबर महीने की शुरुआत में इस मामले में केस दर्ज किया था.

इस हमले को इसलिए भी खतरनाक माना जा रहा है, क्योंकि नेशनल इनफॉर्मेटिक्स सेंटर  के इन कम्प्यूटर्स में भारतीय सुरक्षा, नागरिकों और वीवीआईपी जैसे- प्रधानमंत्री, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार से जुड़ा डेटा मौजूद होता है. जानकारी के मुताबिक बेंगलुरु की एक फर्म से यह साइबर हमला किया गया है. नेशनल इन्फार्मेटिक्स सेंटर (NIC) के कर्मचारियों को एक मेल मिला था, जैसे ही एनआईसी (NIC) के कर्मचारियों ने उस मेल के लिंक को क्लिक किया, उनका सारा डेटा गायब हो गया.

साइबर हमले में अमेरिकी कंपनी का हाथ

एनआईसी (NIC)  की शिकायत के बाद दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने आईटी एक्ट के तहत केस दर्ज किया था. जांच में यह सामने आया है कि बेंगलुरु में यह मेल एक अमेरिकी कंपनी से भेजा गया था. मेल का आईपी एड्रस अमेरिका का बताया जा रहा है. पुलिस अभी भी इस मामले की जांच कर रही है.

बतादें कि देश में हर दिन साइबर हमलों में इजाफा हो रहा है. हर दिन इस तरह के मामले सामने आते हैं, जब अपराधी तकनीकी का इस्तेमाल कर जरूरी दस्तावेज और बैंक खातों को निशाना बना रहे हैं. तकनीकी पर लगातार बढ़ रही निर्भरता की वजह से साइबर क्राइम की चिंता भी बढ़ती जा रही है.

साइबर हमले से मिनटों में उड़ रही जरूरी जानकारियां

हमलावर आम लोगों के साथ सरकारी वेबसाइट्स को भी निशाना बनाने से नहीं चूक रहे हैं. बैंक अकाउंट से लेकर जरूरी दस्तावेज तक आज के समय में कुछ भी सुरक्षित नहीं है. साइबर अटैकर बड़ी ही सफाई के साथ लोगों की जरूरी जानकारियां मिनटों में उड़ा लेते हैं. दो हफ्ते पहले भी एक एसा ही मामला सामने आया था. हैकर्स ने प्रधानमंत्री मोदी के ट्विटर अकाउंट को हैक कर लिया था, इसके साथ ही हैकर्स ने पीएम से विटक्वाइन की मांग की थी.

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