निर्भया केस : दोषी मुकेश की दया याचिका राष्‍ट्रपति ने खारिज की, फांसी पक्‍की

2012 में चलती बस में छात्रा के साथ सामूहिक दुष्कर्म और उसकी हत्या करने के मामले में चार दोषियों को अदालत ने फांसी की सजा सुनाई है.

  • TV9 Hindi
  • Publish Date - 12:17 pm, Fri, 17 January 20

निर्भया से गैंगरेप के चार में से एक दोषी की फांसी तय हो गई है. सूत्रों के मुताबिक, राष्‍ट्रपति रामनाथ कोविंद ने दोषी मुकेश सिंह की दया याचिका खारिज कर दी है. अब उसकी फांसी का रास्‍ता साफ हो गया है. मुकेश की दया याचिका शुक्रवार को ही गृह मंत्रालय ने राष्ट्रपति के पास भेजी थी. वर्ष 2012 में चलती बस में छात्रा के साथ सामूहिक दुष्कर्म करने और उसकी हत्या करने के मामले में चार दोषियों को अदालत ने फांसी की सजा सुनाई है.

दिल्ली की एक अदालत ने गुरुवार को तिहाड़ जेल प्रशासन के अधिकारियों को मुकेश की दया याचिका के लंबित रहने के संबंध में एक रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया था. अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश सतीश कुमार अरोड़ा ने जेल अधिकारियों से मुकेश की दया याचिका और निष्पादन (फांसी) की तारीख को स्थगित करने के संबंध में की गई कार्रवाई पर बात करते हुए दिल्ली जेल नियम की धारा 840 के तहत एक रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा.

हालांकि, न्यायाधीश ने अभी के लिए फांसी दिए जाने की तारीख को बदलने से इनकार कर दिया. इससे पहले, चारों आरोपियों के खिलाफ जारी फांसी के आदेश पर हस्तक्षेप करने से हाईकोर्ट ने इनकार कर दिया था.

मां-बाप ने दिल्‍ली सरकार पर लगाए आरोप

वहीं दूसरी तरफ, निर्भया के पिता ने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर आरोप लगाया है कि अगर दिल्ली विधानसभा चुनावों के पहले फैसला नहीं आता तो इसके जिम्मेदार अरविंद केजरीवाल होंगे. उन्होंने कहा कि उन्होंने कहा कि अरविंद केजरीवाल ने इस मामले को सत्ता पाने के लिए इस्तेमाल किया.

निर्भया के एक और दोषी विनय शर्मा की दया याचिका भी राष्ट्रपति के पास भेजी गई थी. लेकिन विनय शर्मा ने ये कहकर याचिका वापस ले ली कि उसकी मर्जी के बिना दया याचिका राष्ट्रपति के पास भेजी गई थी. आपको बता दें मुकेश की दया याचिका पर फैसला न आने की वजह से दिल्ली की एक अदालत ने निर्भया केस पर 22 जनवरी को आने फैसले को टाल दिया था. इस पर अब निर्भया के माता पिता ने भी चुप्पी तोड़ी है

निर्भया के पिता ने दिल्ली सरकार पर जानबूझ कर कोर्ट को रिपोर्ट ना सौंपने का आरोप लगाया है. उन्होने कहा कि जब तक हम आगे नहीं बढे़ तब तक दिल्ली सरकार सोती रही. वहीं, निर्भया की मां आशा देवी ने  कहा कि सरकार चुप है, कोर्ट चुप है, कानून में भी खामियां है. उन्होंने कहा कि ‘2017 में जब इस मामले में फैसला आया तो मैं दिल्ली सरकार के पास गई. केंद्र सरकार के पास भी गई. मैंने पूछा कि आखिर दोषियों को इतने अधिकार क्यों दिए जा रहे हैं.’

उन्होने कहा कि “हम राजनीति के बारे में कुछ नहीं बोलते, लेकिन जो लोग साल 2012 में निर्भया के लिए न्याय की मांग करते हुए सड़कों पर उतरे थे, वही लोग मेरी बच्ची की मौत के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं. वही लोग आज इस मामले पर राजनीतिकरण कर रहे हैं. मैं प्रधानमंत्री से अपील करती हूं कि मेरी बच्ची की मौत के साथ मज़ाक न होने दें.”

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