Nirbhaya Case: फांसी से पहले दोषी पवन ने सुप्रीम कोर्ट में दायर की क्यूरेटिव पिटीशन

चारों दोषियों में से एक दोषी पवन के पास अभी भी लीगल रेमेडीज बाकी थीं. पवन ने अब से पहले न ही सुप्रीम कोर्ट में क्यूरेटिव पिटीशन दायर की थी और न ही राष्ट्रपति के सामने दया याचिका लगाई थी.
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निर्भया गैंगरेप के चारों दोषियों में एक पवन गुप्ता ने सुप्रीम कोर्ट में क्यूरेटिव पिटीशन दायर की है. इससे पहले 17 फरवरी को पटियाला हाउस कोर्ट ने नया डेथ वॉरंट जारी किया था. नए डेथ वॉरंट के मुताबिक चारों दोषियों को 3 मार्च को फांसी दी जानी है. अपनी याचिका में दोषी पवन ने सुप्रीम कोर्ट से फांसी की सजा को आजीवन कारावास में बदलने की मांग की है.

दरअसल चारों दोषियों में से एक दोषी पवन के पास अभी भी लीगल रेमेडीज बाकी थीं. पवन ने अब से पहले न ही सुप्रीम कोर्ट में क्यूरेटिव पिटीशन दायर की थी और न ही राष्ट्रपति के सामने दया याचिका लगाई थी.

17 फरवरी को पटियाला हाउस कोर्ट में सुनवाई के दौरान पवन के वकील रवि काजी ने कोर्ट को बताया था कि हम सुप्रीम कोर्ट में क्यूरेटिव पिटीशन और राष्ट्रपति के सामने दया याचिका दाखिल करना चाहते हैं. उन्होंने बताया था “मैं आज पवन से जेल में मिला और उससे पूछा कि आपको दिल्ली हाईकोर्ट ने जो 7 दिन का समय दिया था उसमें लीगल रेमेडीज का इस्तेमाल क्यों नहीं किया?”

इस पर पवन ने जवाब दिया, “पहले मेरे पास वकील था, बाद में नहीं रहा. लेकिन अब मैं सुप्रीम कोर्ट में क्यूरेटिव पिटीशन और राष्ट्रपति के समक्ष दया याचिका दाखिल करना चाहता हूं.”

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