निर्भया को न्याय: फांसी से पहले रोया था विनय, गिड़गिड़ाते बोला- मैं मरना नहीं चाहता

फांसी के वक्त से लेकर इससे करीब 36 घंटे पहले ही तिहाड़ जेल के तमाम वरिष्ठ पदाधिकारी काम में लगे हुए थे. दरअसल अधिकारी कहीं भी कोई छोटी सी चूक न हो जाए, इसकी कोई भी गुंजाइश नहीं छोड़ना चाहते थे.

निर्भया के चारों दोषियों को शुक्रवार की सुबह 5.30 बजे तिहाड़ जेल में फांसी पर लटका दिया गया. उससे पहले तिहाड़ के अंदर कई तरह की जरूरी प्रोसेस हुईं. फंदे पर लटकाने से पहले दोषियों को नहाने और कपड़े बदलने के लिए कहा गया, तो दोषी विनय ने कपड़े बदलने से मना कर दिया.

इसके अलावा उसने रोना शुरू कर दिया और गिड़गिड़ा कर माफी मांगने लगा. दोषी विनय ने कहा मैं मरना नहीं चाहता. विनये के ड्रामे के बाद कड़ी सुरक्षा के बीच निर्भया के चारों दोषियों को पवन जल्लाद ने फांसी के फंदे पर लटका दिया.

डॉक्टरों ने की मौत की पुष्टि

डॉक्टरों ने सभी दोषियों की नब्ज देखकर और अन्य जरूरी जांच करके उनकी मौत की पुष्टि की है. तिहाड़ जेल के महानिदेशक संदीप गोयल ने आईएएनएस को बताया, “डॉक्टरों ने निर्भया के सभी चारों दोषियों की मौत की पुष्टि कर दी है.”

जल्लाद पवन मेरठ के लिए रवाना

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, दोषियों को फांसी पर लटकाने वाले जल्लाद पवन ने फांसी दिए जाने के बाद तिहाड़ जेल प्रशासन का धन्यवाद दिया. इसके बाद उन्हें कड़ी सुरक्षा के बीच मेरठ के लिए रवाना कर दिया गया है.

फांसी देने की तैयारियों में जुटे रहे अधिकारी

फांसी के वक्त से लेकर इससे करीब 36 घंटे पहले ही तिहाड़ जेल के तमाम वरिष्ठ पदाधिकारी काम में लगे हुए थे. दरअसल अधिकारी कहीं भी कोई छोटी सी चूक न हो जाए, इसकी कोई भी गुंजाइश नहीं छोड़ना चाहते थे.

यही वजह है कि तिहाड़ जेल के महानिदेशक (डीजी) संदीप गोयल के साथ ही एडिशनल इंस्पेक्टर जनरल राजकुमार और जेल नंबर-3 के सुपरिटेंडेंट सुनील बुधवार की सुबह से ही जेल से बाहर नहीं गए. ये तमाम आला अधिकारी निर्भया के गुनगहारों को फांसी देने की तैयारियों में जुटे रहे.

आज हमारी बेटी बहुत खुश होगी: निर्भया की मां

निर्भया के दोषियों को फांसी दिए जाने के बाद पीड़िता की मां आशा देवी (Nirbhaya mother Asha Devi) ने कहा, “आखिरकार दोषियों को फांसी हो गई है, यह बहुत लंबा संघर्ष रहा. आज हमें न्याय मिला है. आज का यह दिन देश की बेटियों की समर्पित है. मैं न्यायपालिका और सरकार को धन्यवाद देती हूं.”

निर्भया की मां ने कहा कि आज मेरी बेटी की आत्मा को शांति मिली होगी. आज हमारी बेटी बहुत खुश होगी. आज का दिन हमारी बच्ची और महिलाओं के नाम है. आज हमारी बच्ची को इंसाफ मिला है.

‘अन्याय होगा तो सजा मिलेगी’

उन्होंने कहा, “मैं देश की जूडिशरी को धन्यवाद देती हूं. भले ही देर से सही लेकिन मेरी बेटी को न्याय मिला. इन चारों को फांसी देकर जूडिशरी ने साफ किया कि अगर बच्चियों के साथ अन्याय होगा तो करने वाले को सजा मिलेगी.”

निर्भया की मां ने कहा, “इस मामले को लटकाया गया, लेकिन हमारी अदालतों ने सभी को खारिज किया. जिस तरह से 2012 में घटना हुई थी और देश शर्मसार हुआ था, आज देर से ही सही लेकिन हमारी जूडिशरी ने इंसाफ दिया है.”

दर-दर भटके, न्याय मिला: निर्भया के पिता

वहीं निर्भया के पिता ने कहा, “सबसे पहले एक पिता का क्या कर्तव्य होता है. जब घटना हुई तो हमने आंख बंद नहीं की. दर-दर भटके, लेकिन न्याय हासिल किया. मेरी अपील है कि बेटे और बेटी में फर्क न करें और अपने कर्तव्य को समझें.”

ये थी घटना

दक्षिण दिल्ली में 16 दिसंबर 2012 को एक चलती बस में 23 वर्षीय छात्रा निर्भया से सामूहिक दुष्कर्म के साथ ही बर्बर हमला भी हुआ था. निर्भया की 29 दिसंबर को सिंगापुर के माउंट एलिजाबेथ अस्पताल में मौत हो गई थी. मुकेश सिंह, विनय शर्मा, अक्षय कुमार सिंह, पवन गुप्ता, राम सिंह और एक किशोर को इस मामले में दोषी पाया गया था.

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