निर्भया केस : दोषियों को फांसी देने के बाद कड़ी सुरक्षा के बीच तिहाड़ से रवाना हुआ जल्लाद पवन

कोर्ट के फैसले पर दोषियों को फांसी देने के बाद जल्लाद पवन (Pawan Jallad) को कड़ी सुरक्षा के बीच तिहाड़ जेल (tihar jail) से मेरठ (meerut) के लिए रवाना कर दिया गया है.

निर्भया (Nirbhaya Case) गैंगरेप और हत्याकांड मामले में चारों दोषियों को तिहाड़ जेल में शुक्रवार सुबह ठीक 5.30 बजे फांसी दे दी गई. कोर्ट के फैसले पर दोषियों को फांसी देने के बाद जल्लाद पवन (Pawan Jallad) को कड़ी सुरक्षा के बीच तिहाड़ जेल (tihar jail) से मेरठ (meerut) के लिए रवाना कर दिया गया है.

यह जल्लाद पवन की जिंदगी की पहली फांसी थी. पवन जल्लाद ने इससे पहले करीब पांच फांसियों के दौरान अपने दादा कालू राम जल्लाद का सहयोग किया था. उन पांच फांसी लगवाने के दौरान पवन ने फांसी लगाने की बारीकियां दादा कालू राम जल्लाद से सीखी थीं. अब निर्भया के चारों हत्यारों को फांसी पर लटकाना पवन जल्लाद का अपनी जिंदगी में अपने बलबूते सजा मिले हुए कैदियों को फांसी पर लटकाने का पहला अनुभव रहा.

निर्भया कांड के चारों दोषियों को फांसी के फंदे पर लटकाने के बाद पवन जल्लाद ने कहा कि जिंदगी में पहली बार चार फांसी देकर मैं खुश हूं. इस दिन के लिए मैं इंतजार करते-करते बूढ़ा हो गया. भगवान और तिहाड़ जेल प्रशासन का धन्यवाद.

उन्होंने कहा कि ऐसा कह सकते हैं. सच्चाई भी यही है कि अभी तक हिंदुस्तान के करीब 100 साल के इतिहास में कभी भी चार मुजरिमों को एक साथ किसी जल्लाद ने फंदे पर नहीं लटकाया है. यह मौका मेरे हाथ पहली बार लगा.

(आईएएनएस इनपुट के साथ)

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