Nirbhaya के दोषियों की नई चाल, वकील ने खटखटाया इंटरनेशनल कोर्ट का दरवाजा

दोषियों के वकील एपी सिंह (AP Singh) ने इसे लेकर अंतरराष्ट्रीय न्यायालय (International Court of Justice) को पत्र लिखा है. पत्र में 20 मार्च को होने वाली फांसी पर रोक लगाने की मांग की है.

  • Piyush Pandey
  • Publish Date - 4:43 pm, Mon, 16 March 20

निर्भया गैंगरेप (Nirbhaya Gangrape) और हत्या मामले के तीन दोषियों ने फांसी की सजा से बचने के लिए अंतरराष्ट्रीय न्यायालय (International Court of Justice) का रुख किया है. निर्भया के दोषियों अक्षय, पवन और विनय ने आईसीजे से अपनी फांसी की सजा पर रोक लगाने की मांग की है.

दोषियों के वकील का बयान

दोषियों के वकील एपी सिंह (AP Singh) ने इसे लेकर अंतरराष्ट्रीय न्यायालय को पत्र लिखा है. पत्र में 20 मार्च को होने वाली फांसी पर रोक लगाने की मांग की है. साथ ही मांग की गई है कि निचली अदालत के सभी रिकॉर्ड्स कोर्ट अपने पास मंगाए ताकि वो अपना पक्ष अंतराष्ट्रीय अदालत में रख सकें.


एपी सिंह ने कहा कि ICJ के लोग इस मामले को देख रहे हैं. उन्होंने कहा है कि जब पवन की उम्र 16.5 साल थी और इसके डॉक्यूमेंट हैं तो इन्हें आधार क्यों नहीं माना जा रहा है. इस मामले की सारी चीजें वहां मंगाई जाएं और अर्जेंट हियरिंग हो. ऐसा न हो कि बाद में लोगों पर कार्यवाही हो. यह एक मीडिया ट्रायल बन चुका है.

मुकेश की याचिका खारिज

वहीं, निर्भया के दोषी मुकेश सिंह (Mukesh Singh) की याचिका सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दी है. इस याचिका में मुकेश ने अपनी पहली वकील के खिलाफ ऐक्शन की मांग की थी. जस्टिस मिश्रा ने याचिका को खारिज कर दिया.

दोषी मुकेश ने आरोप लगाया था कि वृन्दा ग्रोवर (Vrinda Grover) ने आपराधिक साजिश रचकर उसे धोखा दिया था. उसने मामले की सीबीआई जांच की मांग की थी.

बता दें कि निर्भया के चारों दोषियों को 20 मार्च को फांसी होनी है. मुकेश कुमार सिंह, पवन गुप्ता, विनय शर्मा और अक्षय ठाकुर को सुबह 6 बजे करीब फांसी पर लटाकाए जाने का ऑर्डर है.