मैं दूंगी दरिंदों को फांसी, लंबी लड़ाई का होगा सुखद अंत : निर्भया केस की पैरोकार योगिता

योगिता भयाना दिल्ली-एनसीआर में रेप और गैंगरेप की पीड़िताओं के केस में पैरोकार के तौर पर जानी जाती हैं.

निर्भया गैंगरेप के दरिंदों को कोर्ट ने फांसी की सजा सुनाई है. इस बीच खबर आई कि तिहाड़ जेल में जल्लाद नहीं होने की वजह से दोषियों को फांसी नहीं दी जा सकी है. इस पर निर्भया केस की पैरोकार योगिता भयाना ने कहा है कि ‘अगर तिहाड़ जेल के पास फांसी देने के लिए कोई जल्लाद नहीं है तो मैं जल्लाद बनने के लिए तैयार हूं.’

योगिता ने ट्वीट किया, “मैं इन दरिंदों को खुद फांसी देने के लिए बिना किसी भय और बिना किसी शर्त के तैयार हूं. दिल्ली के उपराज्यपाल मुझे मौका दें, उन हैवानों को फांसी देने के लिए मैं तैयार हूं. निर्भया के न्याय के लिए लड़ने वाली मेरी लंबी लड़ाई का यह सुखद अंत होगा.”

Nirbhaya lawyer Yogita Bhayana, मैं दूंगी दरिंदों को फांसी, लंबी लड़ाई का होगा सुखद अंत : निर्भया केस की पैरोकार योगिता

योगिता भयाना दिल्ली-एनसीआर में रेप और गैंगरेप की पीड़िताओं के केस में पैरोकार के तौर पर जानी जाती हैं. वह दिल्ली-एनसीआर में रेप पीड़िताओं की सहायता के लिए पीपुल्स अगेंस्ट रेप इन इंडिया (परी) अभियान चलाती हैं.

बड़ी संख्या में पीड़िता और उनके परिजन योगिता से जुड़े हुए हैं और कोर्ट में अपने केस को लड़ रहे हैं. योगिता भयाना ने मीडिया को बताया कि यह एक बड़ा अजीब से मामला है कि गैंगरेप के दोषी सामने हैं और आपको फांसी देने के लिए जल्लाद नहीं मिल रहा है.

वहीं, देश के सबसे बड़े जल्लाद पवन का भी इस मामले पर बयान आया है. पवन ने कहा है कि ‘निर्भया और हैदराबाद की डॉक्टर प्रियंका जैसे रूह कंपा देने वाले कांड घर बैठे नहीं रुक सकते हैं. इसके लिए बहुत जरूरी है कि जितनी जल्दी हो सके निर्भया के मुजरिमों को फांसी पर लटका दो.

पवन ने आईएएनएस से कहा कि अगर निर्भया के हत्यारों को सरकार लटका चुकी होती तो शायद, हैदराबाद की मासूम बेकसूर डॉ. प्रियंका बेमौत मरने से बच गई होती.

उन्होंने सवाल किया कि निर्भया के हत्यारों को आखिर तिहाड़ जेल में पालकर रखा ही क्यों जा रहा है? निर्भया कांड के मुजरिम हों या फिर प्रियंका के हत्यारे. इनका इलाज जब तक आनन-फानन में नहीं होगा, तब तक यह मुसीबतें समाज में बरकरार रहेंगीं.

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