Nirbhaya Case: दोषी पवन की ‘नाबालिग चाल’ नाकाम, कोर्ट ने खारिज की याचिका

कोर्ट की तरफ से निर्भया के चारों दोषियों को 1 फरवरी को सुबह 6 बजे फांसी पर लटकाए जाने के लिए डेथ वारंट जारी किया जा चुका है.
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सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को निर्भया मामले के दोषी पवन गुप्ता के नाबालिग होने का दावा करने वाली याचिका खारिज कर दी. सर्वोच्च न्यायालय ने कहा, “हम कितनी बार वही बातें सुनेंगे, आपने इसे कई बार उठाया है.”

पवन गुप्ता ने दिल्ली हाईकोर्ट के उस आदेश को चुनौती दी थी, जिसमें अदालत ने यह मानने से इनकार कर दिया था कि जब उसने निर्भया के साथ सामूहिक दुष्कर्म का अपराध किया था, तब वह एक किशोर था.

न्यायमूर्ति आर. भानुमति की अध्यक्षता वाली पीठ ने यह फैसला सुनाया.

याचिका खारिज होने के बाद निर्भया की मां ने कहा कि, ‘कानून के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है. जो चीज चार-पांच बार खारिज की जा चुकी है उसको बार-बार रिपीट कर रहे है. कोर्ट का समय बर्बाद कर रहे हैं. दिन भर इस केस में लग गया, इसकी जगह किसी और केस पर सुनवाई हो सकती थी. हमारा समय बर्बाद कर रहे हैं. जिस तरह से वो एक-एक करके याचिका दायर कर रहे हैं, उसी तरह से कोर्ट को एक-एक कर दोषियों को फांसी भी देनी चाहिए.’

निर्भया के पिता का कहना है कि, ये हमारे कानून का लूप होल है, जिससे एक चीज को बार बार रिव्यू किया जा रहा है. अब इस केस में कुछ बचा नहीं है, डिले करने के लिए पार्टीशन लगाया जा रहा है. सुप्रीम कोर्ट से मेरा अनुरोध है कि विशेषाधिकार का प्रयोग कर इस पर ब्रेक लगाया जाए.

दोषी पवन कुमार के वकील एपी सिंह ने मीडिया से बात करते हुए कहा, “वारदात के दौरान पवन गुप्ता नाबालिग था. उसके स्कूल रिकॉर्ड के अनुसार पवन की जन्मतिथि 8 अक्टूबर 1996 है.”

बता दें कि शुक्रवार को निर्भया गैंगरेप के चारों आरोपियों के खिलाफ नया डेथ वारंट जारी किया गया था. नए वारंट के मुताबिक चारों दोषियों को अब एक फरवरी की सुबह 6 बजे फांसी दी जाएगी.

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