ट्रेड वॉर से आई मंदी, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने किए ये बड़े ऐलान

आर्थिक मामलों पर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शुक्रवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सरकार द्वारा आर्थिक सुधारों के लिए उठाए गए कदमों का जिक्र किया. इस प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान वित्त राज्य मंत्री अनुराग ठाकुर और वित्त सचिव राजीव कुमार भी मौजूद थे.

आर्थिक मामलों पर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शुक्रवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सरकार द्वारा आर्थिक सुधारों के लिए उठाए गए कदमों और देश के साथ-साथ दुनिया की आर्थिक स्थिति का जिक्र किया. इस प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान वित्त राज्य मंत्री अनुराग ठाकुर और वित्त सचिव राजीव कुमार भी मौजूद थे. पॉइंट्स में पढ़ें प्रेस कॉन्फ्रेंस की खास बातें.

  • NHB की फंडिंग के लिए 20,000 करोड़ रुपए के बजाय सरकार अब 30,000 करोड़ रुपए देगी.
  • बैंकिंग सेक्टर के लिए राहत का ऐलान करते हुए निर्मला सीतारमण ने कहा कि बैंकों के लिए 70,000 करोड़ रुपए की मंजूरी दी गई है. इससे बैंक 5 लाख करोड़ रुपए की वैल्यू के लोन बांट पाएंगे.
  • MSME की केवल एक परिभाषा होगी, इसके जरिए कंपनियां अपने काम आसानी से कर सकती हैं. MSME ऐक्ट को जल्द ही कैबिनेट के सामने ले जाया जाएगा.
  • MSME के ​​कारण अब तक के सभी लंबित GST रिफंड का भुगतान आज से 30 दिनों के भीतर किया जाएगा. भविष्य के लिए GST रिफंड से जुड़े मामले सामने आने के बाद 60 दिन के अंदर इसका समाधान करना होगा: निर्मला सीतारमण
  • हाउसिंग फाइनेंस कंपनियों को अतिरिक्त लिक्विडिटी मुहैया कराने के मकसद से एनएचबी को दिए गए 20,000 करोड़ रु. को बढ़ाकर 30 हज़ार करने का फैसला.
  • सभी उधारकर्ताओं को लाभ पहुंचाने के लिए बैंकों ने अब MCLR कटौती के माध्यम से किसी भी दर में कटौती करने का फैसला किया है. इससे रेपो रेट को सीधे ब्याज दरों से जोड़कर, होम लोन, वाहन और अन्य रिटेल लोन के लिए EMI कम हो जाएगी.
  • वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि सीएसआर उल्लंघन को एक आपराधिक अपराध नहीं माना जाएगा और इसके बजाय नागरिक दायित्व होंगे. 1 अक्टूबर 2019 को या उसके बाद सभी आयकर आदेश, नोटिस, सम्मन, पत्र, आदि एक केंद्रीकृत कंप्यूटर प्रणाली के माध्यम से जारी किए जाएंगे.
  • हम अभियोजन की तुलना में दंड के पक्ष में ज्यादा हैं जहां संभव हो, हमने कंपनी अधिनियम के तहत 14,000 अभियोग वापस ले लिए हैं: वित्त मंत्री
  • वित्त मंत्री ने कहा कि GSTN की खामियों को दूर करने के लिए जल्द ही बैठक की जाएगी. उन्होंने बताया कि विजयदशमी से IT स्क्रूटनी फेसलेस हो जाएगी. वित्त मंत्री ने कहा कि मर्जर और अधिग्रहण की प्रक्रिया को भी आसान और तेज बनाया जाएगा.
  • अभियोजन के रास्ते पर जाने का सरकार का कोई इरादा नहीं है. CSR मामलों को नागरिक दायित्व के रूप में माना जाएगा: निर्मला सीतारमण
  • हमारी सरकार ने हमारे एजेंडे में सबसे ऊपर सुधार को रखा है. 2014 से हम सुधार की गति बनाए रख रहे हैं, चाहे वह श्रम सुधार या पर्यावरणीय मंजूरी हो: वित्त मंत्री
  • पूरी दुनिया के हालात की जानकारी हमें हैं. हमारी अर्थव्यस्था को हल्के में नहीं लिया जा सकता. विकास दर हमारी सबसे बेहतर स्थिति में है. हमने भारत के व्यापार को आसान बनाया है. ग्लोबल मांग इस समय काफी कम है. पूरी दुनिया में आर्थिक उथल-पुथल मची हुई है. चीन और अमेरिका के बीच मचे ट्रेड वॉर से मंदी का संकट बढ़ा है. पर हम पर इसका कोई असर नहीं है.
  • निर्मला सीतारमण ने कहा कि सरकार ने GST की पेंचीदगियों को खत्म किया है. सरकार की नजर बाजार के फ्लो पर भी है. हम GST दर और कम करने पर विचार कर रहे है. यदि सब कुछ ठीक रहा तो ये जल्द कम हो जाएंगी. बिजनेस को बढ़ावा देने के लिए हमने काफी नियम कायदे आसान बनाए हैं.
  • हमारी अर्थव्यवस्था को हल्के में नहीं लिया जा सकता है और हमारी सरकार अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की गति को रुकने नहीं देंगे: निर्मला सीतारमण.
  • हमारे पड़ोसी देश चीन की हालत भी अभी काफी नाजुक है. हमने पिछले एक हफ्ते की इसकी स्थिति पर काफी गंभीर विचार मंथन किया है. हम सुधार की स्थिति को किसी हालत में नहीं रुकने देंगे. आपको समझना होगा की इस समय दुनिया में क्या चल रहा है. केंद्र सरकार ने बड़ा टैक्स सुधार किया है.
  • निर्मला सीतारमण ने कहा कि सरकार ने भारतीय अर्थव्यवस्था का गहन अध्यन और मंथन किया है. उन्होंने बताया अन्य देशों की तुलना में भारत की स्थिति काफी बेहतर है. वित्त मंत्री ने बताया कि चीन की अर्थव्यवस्था बुरे दौर में है
  • पूरी दुनिया में इस वक़्त क्या चल रहा है हमें ये समझना होगा. बड़ी इकॉनमी में इस समय गिरावट का रुख चल रहा है. हमें दुनिया की हालत को समझना बेहद जरूरी है औरों के मुकाबले अभी हमारी स्थिति काफी अच्छी है. मतलब साफ है कि हमारी विकास की रफ़्तार ठीक चल रही है.
  • वित्त मंत्री ने कहा कि देश के आर्थिक हालात समझने के पहले दुनिया के हालात समझना बेहद जरूरी है. उन्होंने बताया कि दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में गिरावट देखी गई है…भारत की स्थिति फिर भी काफी बेहतर है.

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