नितिन गडकरी ने फिर साधा मोदी सरकार पर निशाना? बोले- …जनता करती है पिटाई

Share this on WhatsAppनई दिल्ली भाजपा नेता और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के एक और बयान ने राजनीति गरमा दी है. कहा जा रहा है कि गडकरी ने इस बयान के जरिए एक बार फिर से मोदी सरकार पर निशाना साधा है. नितिन गडकरी ने कहा, “सपने दिखाने वाले नेता लोगों को अच्छे लगते हैं, […]

नई दिल्ली
भाजपा नेता और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के एक और बयान ने राजनीति गरमा दी है. कहा जा रहा है कि गडकरी ने इस बयान के जरिए एक बार फिर से मोदी सरकार पर निशाना साधा है. नितिन गडकरी ने कहा, “सपने दिखाने वाले नेता लोगों को अच्छे लगते हैं, लेकिन दिखाए हुए सपने अगर पूरे न हों तो जनता उनकी पिटाई भी करती है. इसलिए नेता वही सपने दिखाएं जो पूरे हो सकें.”

गडकरी ने यह भी कहा कि मैं सपने दिखाने वालों में नहीं हूं, मैं जो बोलता हूं वो 100 फीसदी डंके की चोट पर पूरा करता हूं. गडकरी ने यह बात मुंबई में बॉलीवुड अभिनेत्री ईशा कोप्पिकर के भाजपा में शामिल होने के लिए आयोजित कार्यक्रम में कही.

विपक्षी दलों को गडकरी के इस बयान से मोदी सरकार पर हमला करने का मौका मिल गया है. एआईएमआईएम नेता असदुद्दीन ओवैसी ने गडकरी के इस बयान पर ट्वीट किया. उन्होंने कहा, “प्रधानमंत्री, नितिन गडकरी आपको आईना दिखा रहे हैं. और वह भी काफी तीखे अंदाज में…”

दूसरी तरफ, बीजेपी गडकरी के इस बयान पर बचाव की मुद्रा में दिखाई दी. केंद्रीय खाद्य एवं प्रसंस्करण राज्यमंत्री साध्वी निरंजन ज्योति ने कहा कि बीजेपी ने जो कहा, उसे पूरा करके दिखाया है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने आजादी के बाद पिछले 70 वर्षों में केवल वादा ही किया. कोई काम नहीं.

मालूम हो कि इससे पहले भी गडकरी कुछ ऐसे बयान दे चुके हैं जिन्हें मोदी सरकार पर हमला करार दिया गया है. अभी कुछ दिनों पहले ही भाजपा के वरिष्ठ नेता नितिन गडकरी ने पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की तारीफ की थी. इसके अलावा गडकरी को 70वें गणतंत्र दिवस के मौके पर कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी से गुफ्तगू करते देखा गया था.

नितिन गडकरी को एक सुलझा हुआ नेता माना जाता है. गडकरी की गिनती काफी नाप-तौलकर बोलने वाले नेताओं में होती है. ऐसे में राजनिति के जानकार गडकरी के इन बयानों को 2019 के लोकसभा चुनाव से जोड़कर देख रहे हैं. माना जा रहा है कि नितिन गडकरी खुद को आगामी लोकसभा चुनाव में मौजूदा पीएम नरेंद्र मोदी के विकल्प के रूप में पेश करने की फिऱाक में हैं.