निजामुद्दीन में Corona संदिग्धों से मची खलबली, करीब 300 लोग अस्पताल में भर्ती

इनमें सऊदी अरब, इंडोनेशिया, बांग्लादेश, श्रीलंका, अफगानिस्तान और कई दूसरे देश के लोग भी शामिल हैं. जानकारी के मुताबिक ये बहुमंजिली इमारत बंगलेवाली मस्जिद की है, जो निजामुद्दीन मरकज के नाम से मशहूर है.
Corona positive people in Nizamuddin, निजामुद्दीन में Corona संदिग्धों से मची खलबली, करीब 300 लोग अस्पताल में भर्ती

दिल्ली के हजरत निजामुद्दीन इलाके में एक बिल्डिंग से करीब 300 कोरोना संदिग्धों के मिलने से सनसनी फैल गई है. निजामुद्दीन औलिया दरगाह से महज 200 मीटर की दूरी पर और निजामुद्दीन पुलिस स्टेशन के ठीक पीछे सात मंजिला इमारत से पुलिस और प्रशासन ने इन्हें निकाल कर अलग-अलग अस्पतालों में भेजा है.

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इनमें सऊदी अरब, इंडोनेशिया, बांग्लादेश, श्रीलंका, अफगानिस्तान और कई दूसरे देश के लोग भी शामिल हैं. जानकारी के मुताबिक ये बहुमंजिली इमारत बंगलेवाली मस्जिद की है, जो निजामुद्दीन मरकज के नाम से मशहूर है. यहां देवबंदी समुदाय के लोग जमात के लिए आते हैं. जमात में उन इस्लामी गुरुओं या विद्वानों को ट्रेनिंग दी जाती है जो कि अपने-अपने इलाके में इस्लाम की शिक्षा देने और प्रचार-प्रसार का काम करते हैं.

अंडमान में एक कोरोना पाजीटिव से इस केंद्र के बारे में पता चला

अंडमान निकोबार में जब एक व्यक्ति को कोरोना पाजिटिव पाया गया तब उसकी ट्रैवल हिस्ट्री से पता चला कि वो जमात के लिए हजरत निजामुद्दीन आया था, जिसके बाद दिल्ली में प्रशासनिक तौर पर खलबली मची. पुलिस ने जब बिल्डिंग की जांच की तो उस समय एक हजार से अधिक लोग बिल्डिंग में मौजूद थे.

पुलिस ने वहां मौजूद ज्यादातर दक्षिण भारतीयों को जनता कर्फ्यू के अगले दिन एयरपोर्ट से रवाना भी करवा दिया. कल से आज तक बिल्डिंग में मौजूद लोगों की हेल्थ स्क्रीनिंग के बाद करीब 300 लोगों को संदिग्ध मानकर उन्हें अलग-अलग अस्पतालों में भेजा गया है.

कोरोना की जांच के लिए अबतक का सबसे बडा ग्रुप

हलांकि आधिकारिक तौर पर पुलिस ये बताने में सक्षम नहीं है कि वहां पिछले दिनों कितने लोग मौजूद थे, लेकिन स्थानीय लोगों ने पुलिस को बताया है कि अमूमन जमात के लिए डेढ़ से दो हजार लोग यहां आते हैं. जमात में शामिल लोगों में से कुल 11 लोगों को कोरोना पाजिटिव पाया गया है, जिनमें से श्रीनगर के एक व्यक्ति की मौत भी हो चुकी है. पुलिस और प्रशासन के लिए सबसे बड़ी चुनौती ये है कि जमात में शामिल लोगों में से काफी संख्या में लोग देश के अलग-अलग हिस्से में जा चुके हैं, जिससे संक्रमण फैलने का खतरा बहुत बढ़ गया है.

लगातार हो रही है मेडिकल स्क्रीनिंग

टीवी9 भारतवर्ष के संवाददाता मनीष झा जब वहां पहुचें तो पाया कि दिल्ली पुलिस और केद्रीय अर्धसैनिक बलों की वहां भारी संख्या में मौजूदगी थी. 8 से 10 डीटीसी बसें लगी हुई थी. बस के ड्राइवर पीपीई से लैस थे और सबसे आगे की बस में 34 लोग सवार थे, जिसमें अधिकांश विदेशी थे.

पुलिस की टीम ड्रोन से निगरानी कर रही थी. मुख्य सड़क से मस्जिद की इमारत के बीच स्वास्थ्य विभाग और पुलिस ने बैरिकेड लगा कर उसे अलग कर रखा था. मस्जिद के सामने स्वास्थ्य विभाग की तरफ से एक हेल्थ स्क्रीनिंग सेटर बना रखा था. बिल्डिंग से लोगों को निकाल कर बारी-बारी से उनका चेकअप किया जा रहा था और फिर उन्हें बस में बिठा दिया जाता था.

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