हवाई यात्रा करते हैं तो ये जानकारी आपके लिए है, क्योंकि नया चार्टर लागू हो गया है…

नए पैसेंजर चार्टर में इस बार ऐसे कई नियम लागू किए गए हैं, जो कि हवाई यात्रा करने वालों को अच्छी सुविधा उपलब्ध कराते हैं. आपने अभी यह नया पैसेंजर चार्टर नहीं देखा है, तो इसे एक बार जरूर देखें कि इसमें आपके लिए क्या खास है.

नई दिल्ली: हवाई यात्रियों को सुरेश प्रभु ने नया तोहफा दिया है. नागरिक उड्डयन मंत्री ने पैसेंजर चार्टर जारी कर एयरलाइंस में सफर करने वालों को नए अधिकार दिए हैं, जिसमें फ्लाइट में 6 घंटे से ज्यादा देरी होने की आशंका पर पूरा रिफंड मिलेगा नहीं तो एयरलाइन को दूसरी फ्लाइट का विकल्प देना होगा.

नागरिक उड्डयन मंत्री सुरेश प्रभु ने बुधवार को हवाई यात्रियों के लिए नया चार्टर लागू किया. इसमें उड़ानों में देरी, उड़ानों के रद्द होने, बोर्डिंग से मना करने, यात्री द्वारा टिकट रद्द कराने, नाम में संशोधन, चिकित्सा आपात स्थिति और यात्री का सामान खोने या क्षतिग्रस्त होने की स्थिति में यात्रियों के क्या अधिकार हैं और उन्हें कितना हजार्ना मिलेगा यह सब तय किया गया है. चार्टर में कहा गया है कि उड़ान में 6 घंटे तक की देरी होने पर एयरलाइंस को यात्रियों को नि:शुल्क जलपान भी देना होगा.

सामान खोने पर देना होगा हर्जाना

चार्टर में पहली बार बैगेज को नुकसान या उसके खोने पर हजार्ने का प्रावधान किया गया है. इसके मुताबिक विमान सेवा कंपनी को अधिकतम 20 हजार रुपये तक हजार्ना देना होगा. सामान खोने या क्षतिग्रस्त होने की स्थिति में अधिकतम 350 रुपये प्रति किलोग्राम का हजार्ना देना होगा.

कम से कम 2 हफ्ते पहले देनी होगी फ्लाइट कैंसिलेशन की सूचना

एयरलाइन को फ्लाइट कैंसिलेशन की जानकारी डिपार्चर से कम से कम 2 हफ्ते से पहले देनी होगी या फिर विमान सेवा कंपनी को वैकल्पिक उड़ान उपलब्ध करानी होगी. जानकारी नहीं देने या कनेक्टिंग उड़ान छूट जाने पर एयरलाइन यात्री को स्वीकार्य वैक्लपिक उड़ान में सीट देगा या फिर पूरा पैसा वापस करने के साथ 10 हजार रुपये तक का हजार्ना देगा.

वहीं, बोर्डिंग से मना करने पर यदि एयरलाइन 1 घंटे के भीतर दूसरी उड़ान मुहैया नहीं कराती तो उसे पूरा पैसा वापस करने के साथ अधिकतम 20 हजार रुपये तक का हजार्ना देना होगा. इसके अलावा यात्री की ओर से टिकट रद्द कराने की स्थिति में विमान सेवा कंपनी इसके लिए कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं ले सकती. उसे सभी शुल्क और कर वापस करने होंगे और रिफंड की राशि ‘क्रेडिट शेल’ में वापस करने का विकल्प चुनने का अधिकार यात्री के पास होगा.

नाम बदलने पर नहीं ले सकते शुल्क

यह भी प्रावधान किया गया है कि टिकट बुक कराने के 24 घंटे के भीतर नाम में संशोधन के लिए विमान सेवा कंपनी कोई शुल्क नहीं ले सकती.