बगदादी-ओवैसी में फर्क नहीं, जुबान से फैला रहे आतंक, बोले शिया वक्फ बोर्ड प्रमुख रिजवी

वसीम रिजवी ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि ओवैसी के भाषण से मुसलमान आतंक और खून खराबे की ओर रुख कर रहे हैं.

शिया वक्फ बोर्ड के प्रमुख वसीम रिजवी (Wasim Rizvi) ने ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के नेता और सांसद असदुद्दीन ओवैसी (Asaduddin Owaisi) पर निशाना साधा. रिजवी ने ओवैसी की तुलना बगदादी से की है. उन्होंने कहा कि आतंकी संगठन आईएसआईएस का पूर्व सरगना अबु बकर अल बगदादी और असदुद्दीन ओवैसी के बीच कोई अंतर नहीं है. बगदादी के पास एक सेना, हथियार और गोला-बारूद था, जिसे वह आतंक फैलाने के लिए इस्‍तेमाल करता था. वहीं ओवैसी अपनी जुबान (भाषण) के माध्‍यम से आतंक फैला रहे हैं.

‘प्रतिबंध लगा देना चाहिए’

वसीम रिजवी ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि ओवैसी के भाषण से मुसलमान आतंक और खून खराबे की ओर रुख कर रहे हैं. उनके भाषण से मुसलमान उग्र हो रहे हैं. इस दौरान रिजवी ने एक न्यूज एजेंसी से बात करते हुए कहा है कि ओवैसी की पार्टी और ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड (AIMPLB) पर प्रतिबंध लगा देना चाहिए. रिजवी राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद विवाद पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद AIMIM नेता द्वारा दिए गए विवादित भाषणों के बारे में ये बातें कहीं.

क्‍या कहा था ओवैसी ने 

असदुद्दीन ओवैसी ने कहा था कि वह सुप्रीम कोर्ट के फैसले से खुश नहीं हैं. उन्‍होंने कहा था, ‘उच्चतम न्यायालय वास्तव में सर्वोच्च है, लेकिन ऐसा नहीं कि उससे कोई चूक नहीं हो सकती. हमें संविधान पर पूरा भरोसा है. हम अपने अधिकार के लिए लड़ रहे हैं. हमें दान के रूप में पांच एकड़ की जमान नहीं चाहिए. हमें इस 5 एकड़ भूमि के प्रस्ताव को अस्वीकार करना चाहिए, हमें संरक्षण नहीं चाहिए.’

रूढिवादी मानसिकता को हवा दे रहे

रिजवी ने कहा, ‘यह सर्वोच्‍च न्‍यायालय का एक बड़ा निर्णय था, जिसके विकल्‍प मैंने अपने जीवन में नहीं देखे हैं. इसने सभी पक्षों को संतुष्‍ट किया, लेकिन मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड और असदुद्दीन ओवैसी जैसे कुछ दल हैं जो रूढिवादी मानसिकता को हवा दे रहे हैं.’ उन पर भी प्रतिबंध होना चाहिए. इससे पहले 15 नवंबर को रिजवी ने अयोध्‍या में मंदिर निर्माण के लिए श्रीराम जन्‍मभूमि न्‍यास को 51000 रुपये दान दिया था.

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