चीन बॉर्डर पर 6 महीने में नहीं हुई कोई घुसपैठ, मौजूदा तनाव के बीच गृह मंत्रालय ने संसद में दी जानकारी

इस बयान के बाद सवाल उठ रहे हैं कि अगर घुसपैठ की कोई कोशिश नहीं हुई है तो भारत राजनयिक और सैन्य बैठकों में अप्रैल जैसी यथास्थिति बहाल करने की मांग क्यों कर रहा है.

infiltration on India China border, चीन बॉर्डर पर 6 महीने में नहीं हुई कोई घुसपैठ, मौजूदा तनाव के बीच गृह मंत्रालय ने संसद में दी जानकारी

केंद्रीय गृह मंत्रालय ने बुधवार को कहा कि पिछले 6 महीनों में भारत-चीन सीमा पर कोई घुसपैठ नहीं हुई है. सरकार ने लद्दाख में चीनी सैनिकों की कथित घुसपैठ को घुसपैठ के प्रयास के तौर पर बताया है. राज्य सभा सांसद अनिल अग्रवाल के सवाल का जवाब देते हुए केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने कहा, “भारत-चीन बॉर्डर पर पिछले 6 महीनों के दौरान घुसपैठ की कोई घटना दर्ज नहीं हुई है.”

केंद्रीय गृह राज्य मंत्री ने इसके आगे स्पष्टिकरण नहीं दिया. उन्होंने अपने जवाब के दौरान बताया कि फरवरी के बाद से पाकिस्तान की ओर से घुसपैठ के 47 प्रयास किए गए. मई से पूर्वी लद्दाख में चीनी सेना और भारतीय सेना के बीच लगातार संघर्ष के बीच केंद्रीय गृह मंत्रालय के इस बयान से विवाद खड़ा हो गया है.

इस बयान के बाद सवाल उठ रहे हैं कि अगर घुसपैठ की कोई कोशिश नहीं हुई है तो भारत राजनयिक और सैन्य बैठकों में अप्रैल जैसी यथास्थिति बहाल करने की मांग क्यों कर रहा है.

हालांकि, गृह मंत्रालय के अधिकारियों ने कहा कि नित्यानंद राय का जवाब रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने जो कहा है उसके विरोध में नहीं है. वहीं एक अन्य वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, “शब्दावली में घुसपैठ को आतंकियों और ऐसे दुश्मन तत्वों से जोड़कर देखा जाता है जो हमारे क्षेत्र में घुसने का प्रयास करते हैं.”

मालूम हो कि पिछले चार महीने से भारत और चीन के सैनिक पूर्वी लद्दाख में आमने सामने हैं. पिछले दिनों चीन के विस्तारवादी रवैये को रोकने के लिए भारत की ओर से मुंहतोड़ जवाब दिया गया है. गौरतलब है कि पिछले 45 वर्षों से LAC में एक भी गोली नहीं चली थी, लेकिन पिछले 20 दिनों में मौजूदा गतिरोध के बीच 3 बार गोलीबारी की घटना हुई है.

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