जहां आते थे प्रधानमंत्री, वहां भी अभी तक नहीं मिली रामलीला की अनुमति

दिल्ली (Delhi) की ज्यादातर बड़ी रामलीलाओं (Ramlila) की तैयारी 3 महीने पहले ही शुरू कर दी जाती है. इन रामलीलाओं में भव्य स्टेज, आकर्षक गेट, खाने-पीने के सैकड़ों स्टॉल और मनोरंजन के लिए झूले आदि की बड़ी व्यवस्था होती है.

कोरोना संक्रमण की वजह से जहां एक ओर पूरे देश भर में स्कूल-कॉलेज समेत सभी शिक्षण संस्थान (Educational Institutions) बंद है. वहीं कोरोना संक्रमण का असर अब रामलीला (Ramlila) जैसे सांस्कृतिक कार्यक्रमों पर भी पड़ने लगा है. लाल किला मैदान पर होने वाली ऐसी रामलीलाएं जिनमें खुद प्रधानमंत्री भी शामिल होते रहे हैं, उन्हें भी इस साल अभी तक रामलीला की अनुमति नहीं मिली है.

लाल किला मैदान (Red Fort) पर होने वाली देश की सबसे बड़ी रामलीला में से एक, ‘लव कुश रामलीला (Love Kush Ramlila)’ के सचिव अर्जुन कुमार ने कहा, “रामलीला तो आयोजित की जानी है. अभी हमें दिल्ली पुलिस से NOC नहीं मिली है. जमीन की मंजूरी भी अभी तक नहीं मिल सकी है.”

रामलीला के लिए मंत्रालयों से किया जा रहा संपर्क

उन्होंने कहा, “लाल किला का यह मैदान आर्कियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया (ASI) के तहत आता है. इस भूमि पर रामलीला करने के लिए हम जल्द ही संस्कृति मंत्री और मंत्रालय (Culture Ministry) के वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात करेंगे.” इसके साथ ही दिल्ली में होने वाली कई बड़ी रामलीलाओं के पदाधिकारी गृह मंत्रालय (Home Ministry) और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों से भी संपर्क कर रहे हैं.

अर्जुन कुमार (Arjun Kumar) ने कहा, “मौजूदा नियम के तहत केवल 100 व्यक्ति ही ऐसे किसी कार्यक्रम में इकठ्ठा हो सकते हैं. हम केंद्र सरकार से इसमें कुछ और छूट की अपील करेंगे, इसके साथ ही रामलीला के आयोजन के लिए अन्य विकल्पों पर भी विचार कर रहे हैं.”

‘रामलीला में ज्यादा लोगों को आने की मिले अनुमति’

लाल किला पर होने वाली लव कुश रामलीला के उपाध्यक्ष गौरव सूरी (Gaurav Suri) ने रामलीला की तैयारियों को लेकर कहा, “हम चाहते हैं कि सोशल डिस्टेंसिंग (Social Distancing) के साथ कुछ और ज्यादा लोगों को रामलीला में आने की अनुमति मिल सके. रामलीला में शामिल होने के लिए केंद्र सरकार जो नियम तय करेगी, हम उसका पालन करेंगे. लेकिन हमारी अपील है कि रामलीला में आने के लिए अधिक लोगों को अनुमति दी जाए.”

हो सकेगी सोशल डिस्टेंसिंग के साथ पूरी व्यवस्था

उन्होंने कहा, “बीते सालों के दौरान सामान्य दिनों में कई बार एक लाख के आसपास लोग रामलीला में पहुंचते थे. कोरोना (Coronavirus) को देखते हुए लोगों की इतनी बड़ी भीड़ जुटाना सही नहीं है, लेकिन हमें कम से कम 5 हजार लोगों को शामिल करने की अनुमति मिले. यदि ऐसी अनुमति मिलती है तो हम सोशल डिस्टेंसिंग के साथ पूरी व्यवस्था करने में सक्षम होंगे.

बता दें कि दिल्ली की ज्यादातर बड़ी रामलीलाओं की तैयारी 3 महीने पहले ही शुरू कर दी जाती है. इन रामलीलाओं में भव्य स्टेज, आकर्षक गेट, खाने-पीने के सैकड़ों स्टॉल और मनोरंजन के लिए झूले आदि की बड़ी व्यवस्था होती है. (IANS)

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