सड़क सुरक्षा से समझौता करने वाले अफसरों पर गरम हुए गडकरी, दिखाएंगे बाहर का रास्ता

सड़क सुरक्षा से जुड़े संगठनों की बैठक में नितिन गडकरी ने साफ कहा कि धैर्य की एक सीमा होती है. ऐसे अधिकारी जो समय पर फैसले न लेकर सड़क सुरक्षा से समझौता करते हैं, उन्हें बख्शा नहीं जाएगा.

केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने अपने मंत्रालय में काम न करने वाले नकारे अधिकारियों को कड़ी चेतावनी दी है. उन्होंने कहा कि ऐसे अफसरों को बाहर का रास्ता दिखाया जाएगा. गडकरी ने सोमवार को कहा कि कुछ अधिकारी फाइलें दबाकर बैठे रहते हैं. वे न तो खुद कोई फैसला करते हैं और न ही दूसरों को करने देते हैं. ऐसी लालफीताशाही बिल्कुल बर्दाश्त नहीं की जाएगी.

सड़क सुरक्षा से जुड़े संगठनों की बैठक में नितिन गडकरी ने साफ कहा कि धैर्य की एक सीमा होती है. ऐसे अधिकारी जो समय पर फैसले न लेकर सड़क सुरक्षा से समझौता करते हैं, उन्हें बख्शा नहीं जाएगा. उन्होंने जो अफसर विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) में गड़बड़ी करते हैं या गलत सड़क इंजीनियरिंग के लिए जिम्मेदार हैं, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी.

सड़क हादसों में मरने वाले 65 फीसदी युवा

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि देश में आतंकवाद और नक्सलवाद की वारदातों से ज्यादा लोग सड़क हादसों में मारे जाते हैं. उन्होंने बताया कि सड़क हादसों को रोकने के तमाम प्रयासों के बावजूद भारत इस मामले में दुनिया में पहले नंबर पर है. यहां सड़क हादसों में मारे जाने वाले लोगों में 65 फीसदी 18 से 35 साल के बीच के होते हैं. यह दुर्भाग्यूपर्ण है.

उन्होंने कहा कि सरकार में काम न करने वाले अधिकारियों को बाहर किए जाने में कोई झिझक नहीं होनी चाहिए. ऐसे अधिकारियों में न तो संवेदना होती है और न ही वे समय पर फैसला ले पाते हैं. गडकरी ने कहा कि जो काम नहीं करते उनकी पहचान की जा रही है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खुद पूछा है कि जो लोग काम नहीं करते, उनके खिलाफ क्या कार्रवाई की गई है. ऐसे कितने लोगों को सेवानिवृत्त किया गया है.

गडकरी कहा कि मैंने अपने सचिव से पूछा है कि काम नहीं करने वाले कितनों लोगों को बाहर का रास्ता दिखाया गया है. उन्होंने भरोसा दिलाया कि इस साल उनका मंत्रालय प्रतिदिन 30 किलोमीटर सड़क बनाने के लक्ष्य को हासिल कर लेगा. इसके लिए योग्य अधिकारियों को आगे लाया जाएगा.

राजनाथ बोले- सड़क सुरक्षा को अभियान बनाएं युवा

इस अवसर पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह भी मौजूद थे. उन्हों ने कहा कि यह चिंता की बात है कि हम सड़क सुरक्षा में पीछे हैं. चांद और मंगल तक पहुंचने का तरीका जानने वाले भारतीय सुरक्षित तरीके से घर या दफ्तर जाने का तरीका नहीं ढूंढ़ पाते हैं. राजनाथ ने युवाओं का आह्वान किया कि वे व्हॉट्सएप, इंस्टाग्राम, यूट्यूब और टिकटॉक जैसे सोशल मीडिया मंच के जरिए लोगों को सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक करें.

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